23 वार्ड OBC के खाते में, 8 OBC महिला और 15 सामान्य OBC सीटें; 24 वार्ड सामान्य, इनमें 11 महिलाओं के लिए आरक्षित
भिलाई . भिलाई नगर निगम चुनाव 2026 की तस्वीर अब आरक्षण के बाद काफी हद तक साफ हो गई है। बुधवार को सिविक सेंटर स्थित कला मंदिर में 70 वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई। आरक्षण की नई व्यवस्था ने कई मौजूदा पार्षदों और लंबे समय से तैयारी कर रहे दावेदारों के समीकरण बदल दिए हैं। कुछ वार्ड आरक्षित होने से सिटिंग पार्षदों के सामने अब नए वार्ड से टिकट की चुनौती खड़ी हो गई है, वहीं महिला और OBC दावेदारों के लिए नए अवसर खुले हैं।

OBC को 23 वार्ड, महिलाओं के लिए 8 सीटें
नगर निगम के 70 वार्डों में सबसे अधिक 23 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें 8 वार्ड OBC महिला और 15 वार्ड OBC सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। अनुसूचित जाति के लिए 9 और अनुसूचित जनजाति के लिए 3 वार्ड आरक्षित हैं। शेष 24 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं, जिनमें 11 वार्ड सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
आरक्षण ने बदली सिटिंग पार्षदों की स्थिति
आरक्षण की घोषणा के साथ ही सबसे ज्यादा हलचल मौजूदा पार्षदों के बीच दिखाई दे रही है। लंबे समय से अपने वार्ड में सक्रिय पार्षदों में से कई के वार्ड अब दूसरे वर्ग के लिए आरक्षित हो गए हैं। ऐसे में उन्हें दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने के विकल्प तलाशने होंगे। पार्टी के भीतर टिकट के लिए दावेदारी और मजबूत होने की संभावना है।
2011 की जनगणना बनी आधार
आरक्षण की पूरी प्रक्रिया दुर्ग कलेक्टर अभिजित सिंह की अध्यक्षता में हुई। प्रशासन ने वार्डों में आरक्षण तय करने के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया। इससे पहले वार्डवार जनसंख्या के साथ एससी और एसटी आबादी से संबंधित आंकड़े तैयार किए गए थे।
भाजपा ने प्रक्रिया को बताया पारदर्शी
भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने आरक्षण प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए इसे नियमों के अनुरूप और पारदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर एससी, एसटी, OBC और सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण तय किया गया है। उनका कहना है कि भाजपा सभी 70 वार्डों में चुनाव लड़ेगी और टिकट वितरण में सक्रिय कार्यकर्ताओं, युवाओं और महिलाओं को भी अवसर दिया जाएगा।
कांग्रेस ने 9 वार्डों पर उठाए सवाल
कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने एससी-एसटी के 9 वार्डों के आरक्षण को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की बात कही है। कांग्रेस ने आरक्षण में बदलाव को चक्रिय व्यवस्था और परिसीमन से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। चंद्राकर के मुताबिक आपत्ति के निराकरण के बाद ही इस मामले पर पार्टी की ओर से आगे की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
अब टिकट के दावेदारों की बढ़ेगी सक्रियता
आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर गतिविधियां तेज होंगी। सामान्य सीटों पर पहले से सक्रिय नेताओं के साथ OBC और महिला आरक्षित वार्डों में नए दावेदार भी सामने आएंगे। दोनों प्रमुख दलों को अब आरक्षण के हिसाब से उम्मीदवारों की नई रणनीति बनानी होगी।