मुंबई एयरपोर्ट और कई इलाकों में पानी भरा, शिमला में पहाड़ी हिस्सा खिसकने से गिरे देवदार के पेड़; ओडिशा के मलकानगिरी में 24 घंटे में 804 मिमी बारिश
मुंबई। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता से हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। मुंबई और वसई-विरार में रात से जारी तेज बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। सायन के प्रतीक्षा नगर के अलावा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नालासोपारा में सेंटर पार्क और तुलिंज ब्रिज सहित कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिमला में जंगल का हिस्सा धंसा
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के फांचा कांडे इलाके में बारिश के दौरान जंगल का एक हिस्सा अचानक धंस गया। पहाड़ी का हिस्सा खिसकने से बड़ी संख्या में देवदार के पेड़ गिर गए। मौसम विभाग ने राज्य में 18 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। इस मानसून में हिमाचल प्रदेश में बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 296 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 520 लोग घायल हुए हैं।
बिहार में बाढ़ से 48.22 लाख प्रभावित
बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 48.22 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। भागलपुर में श्मशान घाट तक पानी पहुंच जाने से लोगों को सड़क किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। वहीं सुल्तानगंज में श्मशान घाट चारों ओर पानी से घिरकर टापू जैसा बन गया है।
राशन के लिए कंधे तक पानी में उतर रहे लोग
दानापुर में बाढ़ का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में लोगों को जरूरी सामान और राशन लेने के लिए कंधे तक पानी में उतरकर बाहर निकलना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
ओडिशा में भी बारिश ने बढ़ाई परेशानी
ओडिशा में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते सड़कें और पुल जलमग्न हो गए हैं। मलकानगिरी सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। यहां 24 घंटे के दौरान 804 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।