बीजापुर (ए)। इस दिन बीजापुर जिले में मद्देड़-फरसेगढ़ बॉर्डर पर नेशनल पार्क एरिया में पुलिस और नक्सलियों के बीच करीब 8 घंटे तक मुठभेड़ चली। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में जवानों ने 11 महिला समेत कुल 31 माओवादियों को एनकाउंटर में मार गिराया। मौके से AK-47, इंसास, SLR जैसे ऑटोमैटिक वेपंस भी बरामद किए गए। मुठभेड़ में 2 जवान शहीद हो गए जबकि 2 घायल हैं। दोनों घायल जवानों का रायपुर में इलाज चल रहा है, जिनकी स्थिति खतरे से बाहर है। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। लेकिन ऐसा बताया जा रहा है कि कई बड़े कैडर्स के नक्सली एनकाउंटर में ढेर हुए हैं।
पिछले 2-3 दिनों से पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि नेशनल पार्क एरिया कमेटी में नक्सलियों का जमावड़ा है। पुख्ता खबर मिलने के बाद 8 तारीख को DRG, STF और बस्तर फाइटर्स के जवानों को इलाके में सर्च ऑपरेशन पर निकाला गया। 8 तारीख की रात भर जवान इलाके को घेर लिए थे। वहीं 9 तारीख की सुबह करीब 8 बजे नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हो गई थी। शुरुआत में दोनों तरफ से एकाएक फायरिंग हुई। नक्सलियों को संभलने का मौका नहीं मिला। शुरुआती मुठभेड़ में ही जवानों ने करीब 5 से 6 नक्सलियों को मार गिराया। कुछ देर के लिए मुठभेड़ रुकी। फिर जवान आगे बढ़े।
दोबारा नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई। सुबह 11 बजे तक 12 नक्सलियों को मार गिराया गया था। इसी बीच 4 जवान भी घायल हो गए थे। उन्हें किसी तरह घटना स्थल से बाहर निकाला। जिनमें 2 शहीद हो गए। वहीं शाम 4 बजे तक रुक-रुककर गोलीबारी चलती रही। जब मुठभेड़ रुकी तो जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें कुल 31 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। दरअसल, मद्देड़ और फरसेगढ़ के बॉर्डर इलाके में जिस जगह पर मुठभेड़ हुई है वो इलाका नक्सलियों का कोर जोन है। ऐसे में जब पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां बड़े लीडर्स का जमावड़ा है तो यहां पहुंचने के लिए पिछले 2 दिन से पुलिस की प्लानिंग चल रही थी। जिसके तहत DRG, STF और बस्तर फाइटर्स के कमांडोज को ऑपरेशन पर निकाला गया था। यह ऑपरेशन 24 घंटे से भी कम का था। लेकिन सटीक जानकारी और नक्सलियों को घेरने की तगड़ी प्लानिंग के तहत ऑपरेशन लॉन्च किया गया और 31 नक्सलियों को मार गिराया गया। यह अब तक का बीजापुर जिले का सबसे बड़ा ऑपरेशन है।