एशियन गेम्स में भारत के पदकों की संख्या 71 पहुंची, 12 स्वर्ण के साथ मेडल टैली में छठे स्थान पर काबिज; हांगझोऊ के बाद दूसरी सबसे बड़ी पदक संख्या
नागोया (जापान)। एशियन गेम्स-2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के 13वें दिन स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन को स्वर्णिम उपलब्धि में बदलते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। वहीं पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम ने रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 71 हो गई है, जो एशियाई खेलों के इतिहास में देश का दूसरा सबसे बड़ा प्रदर्शन है।
जापान (ए) । जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की है। शुक्रवार को पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम ने फाइनल तक का सफर तय करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। भारतीय टीम में संजय भोगे, धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान शामिल थे। खिताबी मुकाबले में भारत को दक्षिण कोरिया के हाथों 1-5 से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले भारतीय तीरंदाजों ने सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
दिन की सबसे खास उपलब्धि मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन के नाम रही। उन्होंने अपने जन्मदिन पर गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय मुक्केबाजी को बड़ी सफलता दिलाई। पिछले एशियन गेम्स में रजत पदक हासिल करने वाली लवलीना ने इस बार फाइनल में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। मुकाबलों के दौरान उन्होंने संयमित रणनीति अपनाई और विरोधियों के आक्रमण का जवाब सटीक पंचों से दिया।
भारत ने अब तक 12 गोल्ड सहित कुल 71 पदक जीत लिए हैं। वर्ष 2023 में हांगझोऊ एशियन गेम्स में भारत ने 107 पदक हासिल किए थे, जबकि 2018 के जकार्ता खेलों में 69 पदक मिले थे। इस तरह मौजूदा प्रदर्शन 2018 के आंकड़े को पीछे छोड़ चुका है। पदक तालिका में भारत छठे स्थान पर पहुंच गया है।
रेसलिंग में भी भारतीय चुनौती कायम है। महिला पहलवान दीपांशी ने 50 किलोग्राम वर्ग के रेपेचेज मुकाबले में कंबोडिया की खिलाड़ी को 10-0 से पराजित कर कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। अब उनका सामना कजाकिस्तान की पहलवान से होगा। मुक्केबाजी में अंकुश और परवीन के फाइनल मुकाबले भी भारत के लिए पदक की उम्मीदें बढ़ा रहे हैं।