- संपादक की कलम से
भिलाई निगम चुनाव की नींव पड़ी, अब तारीखों का इंतजार
नींव पड़ गई मुनादी हो गई वार्डवार आरक्षण के साथ ही स्थानीय निकायों के चुनावों की, बस तारीख़े आना बाक़ी है कि मत कब पड़ेंगे । हम आज विश्लेषण कर रहे भिलाई नगर निगम चुनाव का । संभावित उम्मीदवारों ने आकाओं के दरवाजों पर दस्तक देना भी शुरू कर दिया और जूते घिसने भी शुरू हो गए हैं। कहते हैं कि यदि आपने किसी प्रमुख दल की उम्मीदवारी पर मोहर लगवा ली तो आपकी आधी जीत हो गई और आधी जीत मतदाता तय कर देंगे वोटिंग के दिन या शायद हार भी लेकिन ऐसा सोचकर कोई टिकट थोड़ी न चाहता है । वार्ड पार्षद के साथ लोगों को चाहत सभापति चुने जाने की भी है क्योंकि महापौर के बाद वही तो स्थानीय निकाय का महत्वपूर्ण पद होता है ।
कांग्रेस हो भाजपा हो या फिर निर्दलीय संभावित वार्ड मेम्बर, सबकी सूची बहुत लंबी हो सकती है । कांग्रेस का तो सबको पता ही है प्रत्याशी चुने जाने का तरीका लेकिन भाजपा में इस बार मातृ संगठन यानि कि आरएसएस की छाप जरूर देखी जाएगी । चूँकि भिलाई नगर निगम का महापौर पद ओबीसी ( अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए आरक्षित है इसलिए बहुत से ओबीसी वर्ग के संभावित आजकल नीति नियंताओं के घर पर ड्राई फ्रूट, मिठाई और फूल के साथ सुबह से शाम तक आपको मिल जाएँगे । कांग्रेस से पूर्व महापौर नीता लोधी और वर्तमान महापौर नीरज पाल में अन्य दावेदारों की अपेक्षा अधिक रस्साकसी है । पिछले तीन कांग्रेसी महापौर के बाद भाजपा इस बार भिलाई निगम में अपना महापौर जितवा लाने के प्रति आश्वस्त और उत्साहित नजर आ रही है । भाजपा के संभावित दावेदार में अन्य पिछड़ा वर्ग से वर्तमान भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन भी शामिल हैं लेकिन भाजपा उन्हें टिकट देगी इसमें जरा संशय भी है।
भिलाई भाजपा जिले में भिलाई निगम , चरौदा निगम, एवं जामुल नगर पालिका का चुनाव संचालन का जिम्मा भी महत्वपूर्ण होगा वही पूर्व जिलाध्यक्ष महेश वर्मा, नेता प्रतिपक्ष भोजू सिन्हा सहित नए नामों की भी चर्चा चल रही है। अब यह बात तो तय है कि भाजपा का महापौर प्रत्याशी संघ पृष्ठभूमि का समर्पित कार्यकर्ता होगा।भाजपा अपने दावेदारों में जमीनी जुड़ाव , स्वच्छ छवि , संगठन समर्पित के साथ साथ नए युवा चेहरे पर भी दृष्टि लगाए हुए हैं।संभावना है कि वर्तमान जिला कार्यकारिणी से ही प्रत्याशी होगा और इसपर मंथन तो जोरों पर है लेकिन ऊँट किस करवट बैठेगा और किसकी किस्मत बनेगी और किसकी नहीं यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा लेकिन प्रत्याशी चुनने में भाजपा वक़्त नहीं लगाएगी भले ही घोषणा बाद में हो ।