पांच प्रमुख मार्गों का होगा चौड़ीकरण-मजबूतीकरण, आमदी में बनेगा फोरलेन गौरव पथ; अरुण साव ने तत्काल कार्य शुरू कराने के दिए निर्देश
रायपुर। बरसात का दौर खत्म होने के बाद धमतरी जिले में सड़क निर्माण और सुधार कार्यों को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने जिले के 6 सड़क प्रोजेक्ट के लिए कुल 101 करोड़ 23 लाख 55 हजार रुपए की निविदाओं को मंजूरी दी है। इनमें प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और डामरीकरण के साथ आमदी नगर पंचायत में फोरलेन गौरव पथ और सौंदर्यीकरण का काम शामिल है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को कार्यादेश जारी कर निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग के मुताबिक धमतरी जिले में स्वीकृत कार्यों से कई महत्वपूर्ण मार्गों की स्थिति में सुधार होगा। मेघा रोड तिराहा-स्टेशन रोड-चरमुड़िया राष्ट्रीय राजमार्ग-30 मार्ग के 3.75 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।
इसी तरह पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकूदा-टिपानी-सेमरा (बी) मार्ग के 5 किलोमीटर हिस्से के लिए 13 करोड़ 32 लाख 82 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत हुई है। छाती-गागरा-कंडेल-देवपुर मार्ग के 9 किलोमीटर हिस्से के लिए 23 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपए और अर्जुनी-भानपुरी-तरसींवा-कुर्रा-अमलीडीह-हसदा सड़क के 10 किलोमीटर हिस्से के लिए 19 करोड़ 42 लाख 22 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है।
विभाग ने राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग के 23 किलोमीटर हिस्से में मजबूतीकरण और डामरीकरण के लिए 11 करोड़ 70 लाख 83 हजार रुपए की निविदा भी मंजूर की है। इसी मार्ग पर आमदी नगर पंचायत क्षेत्र में 3.50 किलोमीटर लंबे फोरलेन गौरव पथ के निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए 19 करोड़ 26 लाख 10 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को सभी कार्य विभागीय मापदंडों के अनुरूप कराने और निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत कार्यों को किसी अन्य एजेंसी को सबलेट नहीं किया जाए और निर्माण के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी को मान्य नहीं किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। साथ ही निर्माण कार्य प्रशासकीय स्वीकृति और उपलब्ध बजट की सीमा में ही अनुबंध की शर्तों के अनुसार कराया जाए। निविदा स्वीकृति के लिए ठेकेदारों से पूरे कार्यकाल के लिए प्रभावी अतिरिक्त प्रदर्शन सुरक्षा यानी एपीएस की बैंक गारंटी लेना भी अनिवार्य किया गया है।