CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में निकाला था मार्च, बैरिकेडिंग के बाद भवन परिसर में दिया धरना; खड़गे ने सांसदों को लंच पर बुलाया
नई दिल्ली (ए)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में विपक्ष का प्रदर्शन अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई विपक्षी सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आकाशवाणी की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
विपक्षी सांसद मंगलवार को ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकालते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए नेताओं को बसों में बैठाया जा रहा था। इसी दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बस से उतरकर आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। दोनों ने वहां बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर धरना दिया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, INDIA ब्लॉक के नेताओं के मार्च की जानकारी उसे सोशल मीडिया के माध्यम से मिली थी। पुलिस का कहना है कि 6 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे संसद भवन से निर्वाचन आयोग कार्यालय तक मार्च निकालने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसी वजह से प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने BNS की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन की आशंका भी जताई थी।
इधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों को बुधवार दोपहर 1:30 बजे दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच के लिए आमंत्रित किया है। बैठक में विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात का समय मांगने के लिए एक पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे।
विपक्ष SIR को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई। कांग्रेस ने चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की कथित आपत्तियों और सुप्रीम कोर्ट में फॉर्म-6 से जुड़ी सुनवाई का भी हवाला दिया है।
कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भाजपा के पक्ष में काम किया और मतदाता सूची में गड़बड़ी के जरिए ‘वोट चोरी’ कराई। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं।