स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संगठनों पर माहौल बिगाड़ने का लगाया आरोप, दुकान विवाद से शुरू हुआ मामला 14 सूत्रीय मांगों तक पहुंचा
बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर की दुकानों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक और राजनीतिक बहस का रूप लेने लगा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने कुछ कथित हिंदूवादी संगठनों पर लोगों को भ्रमित करने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
बिलासपुर। रतनपुर के प्रसिद्ध महामाया मंदिर परिसर में दुकानों के आवंटन को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ संगठनों की ओर से विरोध और आंदोलन के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सामने आए हैं। उनका आरोप है कि मूल दुकान विवाद को अब दूसरे मुद्दों से जोड़कर माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
मामला 22 अगस्त को मंदिर परिसर की एक दुकान को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ था। इस दौरान मारपीट की घटना भी सामने आई थी। पुलिस कार्रवाई के बाद मंदिर ट्रस्ट समिति ने चार दुकानदारों को नोटिस जारी किए। इसके बाद सर्व हिंदू समाज के नाम से आंदोलन शुरू किया गया।
शुरुआत में आंदोलन के दौरान तीन मांगें रखी गई थीं, लेकिन बाद में इनकी संख्या बढ़कर 14 हो गई। इनमें मंदिर परिसर की दुकानें, ट्रस्ट की व्यवस्था, टेंडर प्रक्रिया, मंदिर की जमीन, स्थानीय रोजगार, पार्किंग और वीआईपी दर्शन व्यवस्था समेत कई मुद्दे शामिल हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों का आरोप है कि कुछ बाहरी लोगों की सक्रियता के कारण विवाद अब मूल मुद्दे से आगे बढ़ गया है। उनका कहना है कि आंदोलन के दौरान कथित नारेबाजी और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री से नगर का माहौल प्रभावित होने की आशंका है।
स्थानीय निवासी नीरज जायसवाल ने आरोप लगाया कि कथित हिंदूवादी संगठनों की ओर से तीन चरणों में आंदोलन किया गया। उनके अनुसार, अब महाधरना और प्रदर्शन की घोषणा की गई है। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने की मांग की है।
नगरवासियों ने कलेक्टर को शिकायत देकर पूरे विवाद की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आंदोलन से जुड़े लोगों, बाहरी व्यक्तियों की सक्रियता और सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे प्रचार की भी जांच की मांग की गई है।
कलेक्टर ने जांच का भरोसा दिया
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि महामाया देवी मंदिर परिसर की दुकानों और विरोध प्रदर्शन को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने शिकायत की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।