प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दी दौरे की जानकारी, विस्थापन और आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर ग्रामीणों से करेंगे चर्चा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ प्रवास प्रस्तावित है। इस दौरान वे बस्तर में बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों और किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। दौरे की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।
रायपुर। बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना से जुड़े विस्थापन और आदिवासी अधिकारों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान बस्तर पहुंचकर परियोजना प्रभावित ग्रामीणों और किसानों से संवाद करेंगे। कांग्रेस इस मुलाकात के जरिए स्थानीय लोगों की चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता में बताया कि राहुल गांधी के प्रवास का कार्यक्रम जल्द निर्धारित किया जाएगा। माओवादी उग्रवाद के खात्मे के बाद इसे उनका पहला बस्तर दौरा बताया जा रहा है। इससे पहले वे करीब चार महीने पूर्व रायपुर में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
बैज ने कहा कि बस्तर के जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना कांग्रेस की प्राथमिकता है। पार्टी आदिवासी समुदाय के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने आशंका जताई कि बोधघाट परियोजना से स्थानीय जनजातीय समुदाय की आजीविका, सामाजिक जीवन और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो सकती है। राहुल गांधी प्रभावित ग्रामीणों और किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और आशंकाओं को समझेंगे।
बैज के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत हाल ही में बस्तर का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर परियोजना को लेकर उनकी चिंताओं की जानकारी ली थी। अब राहुल गांधी के प्रस्तावित प्रवास के दौरान इस मुद्दे पर आगे संवाद किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में बैज ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली उत्पादन में सरप्लस होने के बावजूद राज्य को बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। उनके मुताबिक, अघोषित बिजली कटौती के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।
स्मार्ट मीटर योजना पर सवाल उठाते हुए बैज ने इसे जनविरोधी बताया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अधिक बिल आने और मीटर की रीडिंग तेजी से बढ़ने की शिकायत कर रहे हैं। बैज के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग के समर्थन में सहमति पत्र भरवा रहे हैं। पार्टी ने अपने इस अभियान को जनता का समर्थन मिलने का दावा किया है।