इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखे नए इनोवेशन, 80 से ज्यादा स्वास्थ्य जांच करने वाला कियोस्क और सुरक्षा के लिए ड्रोन भी आकर्षण का केंद्र
नई दिल्ली (ए)। तकनीक अब रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में भी नई संभावनाएं खोल रही है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में ऐसे कई इनोवेशन प्रदर्शित किए गए, जिनमें AI स्मार्टग्लास से UPI भुगतान, स्मार्ट हेल्थ कियोस्क से 80 से ज्यादा जांच और रोबोट की मदद से एक मिनट में दांतों की जांच जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा ड्रोन से सीमा सुरक्षा और खतरनाक परिस्थितियों में काम करने वाले रोबोटिक आर्म ने भी ध्यान आकर्षित किया।
AI चश्मे से होगा UPI भुगतान
रिलायंस जियो ने AI स्मार्टग्लास प्रदर्शित किया, जिसमें बिना स्मार्टफोन निकाले UPI भुगतान करने की सुविधा दी गई है। कंपनी के अनुसार, यह चश्मा ऑडियो आधारित और कैमरा युक्त दो संस्करणों में उपलब्ध कराने की योजना के साथ पेश किया गया है। इसमें लाइव वॉइस ट्रांसलेशन जैसी सुविधा भी है, जिससे अलग-अलग भाषाओं में बातचीत करना आसान हो सकता है। कंपनी ने अभी इसके सभी तकनीकी विवरण और कीमत की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन इसे भारतीय ग्राहकों के बजट के अनुकूल बनाने की बात कही है।
हेल्थ ATM से 80 से ज्यादा जांच
हेल्थ टेक कंपनी क्योरबे ने AI आधारित केयर कियोस्क प्रदर्शित किया। इसे स्मार्ट हेल्थ ATM की तरह तैयार किया गया है, जिसमें बीपी, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन और लिवर प्रोफाइल सहित 80 से अधिक तरह की स्वास्थ्य जांच करने का दावा किया गया है। कंपनी के मुताबिक, मशीन में सेंसर और AI तकनीक की मदद से जांच की प्रक्रिया पूरी होती है और करीब 30 मिनट में डिजिटल रिपोर्ट मोबाइल फोन पर मिल सकती है। इस तरह की व्यवस्था स्वास्थ्य जांच को अधिक सुलभ बनाने में उपयोगी हो सकती है।
रोबोट करेगा एक मिनट में दांतों की जांच
प्रदर्शनी में AI आधारित डेंटल रोबोटिक कियोस्क भी दिखाया गया। इसमें कैमरे, स्कैनिंग सेंसर और रोबोटिक आर्म की मदद से मुंह के अंदर की जांच की जाती है। इसके जरिए दांतों में सड़न, प्लाक और मसूड़ों की सूजन जैसी समस्याओं के शुरुआती संकेत पहचानने का दावा किया गया है। इसकी जांच रिपोर्ट करीब 60 सेकंड में स्क्रीन पर दिखाई देने और वॉट्सऐप पर भेजे जाने की सुविधा बताई गई है। हालांकि, बीमारी की अंतिम पुष्टि और उपचार के लिए दंत चिकित्सक की सलाह जरूरी होगी।
ड्रोनास्त्र से सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी
सीमा और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए AI आधारित ड्रोनास्त्र को प्रदर्शित किया गया। इसे अनजान या संभावित रूप से खतरनाक ड्रोन की पहचान करने और उनके खतरे से निपटने के लिए तैयार किया गया है। इसकी बताई गई क्षमताओं में ड्रोन की पहचान, संचार संकेतों को बाधित करने और जरूरत पड़ने पर उसे निष्क्रिय करने की तकनीक शामिल है। ऐसे सिस्टम का उद्देश्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों और सीमा क्षेत्रों में ड्रोन से होने वाले खतरों का मुकाबला करना है। इसकी वास्तविक परिचालन क्षमता और तैनाती संबंधी जानकारी अलग से सत्यापित की जानी चाहिए।
खतरनाक जगहों पर काम करेगा रोबोटिक आर्म
क्वालकॉम ने ओपन आर्म रोबोटिक सिस्टम भी प्रदर्शित किया। यह इंसानी हाथ और बाजू की गतिविधियों की नकल करने के लिए विकसित किया गया है। कंपनी के चिपसेट और AI प्लेटफॉर्म पर आधारित इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल औद्योगिक कार्यों, आपदा प्रबंधन और उन स्थानों पर किया जा सकता है, जहां इंसानों के लिए काम करना जोखिम भरा होता है। इससे खतरनाक परिस्थितियों में मानव जोखिम कम करने और कामकाज को अधिक सुरक्षित बनाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में प्रदर्शित इन तकनीकों से संकेत मिलता है कि AI, रोबोटिक्स और स्मार्ट डिवाइस का उपयोग भुगतान, स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा और औद्योगिक कामकाज जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहा है। हालांकि, इन नवाचारों का वास्तविक लाभ उनकी उपलब्धता, लागत, विश्वसनीयता और व्यावहारिक उपयोग पर निर्भर करेगा।