रायपुर (A). रायपुर डकैती कांड में पीड़िता की सगी बहन का दोस्त रिटायर्ड फौजी इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड निकला है। BSF के रिटायर्ड फौजी ने सुपारी देकर इस पूरी डकैती को अंजाम दिया है। वारदात के लिए तीन अलग-अलग लेयर में आरोपी थे। पहले लेयर में मास्टरमाइंड और उसके करीबी दोस्त, दूसरे लेयर में उनके परिचित, तीसरे लेयर में नागपुर से आए हुए सहयोगी थे।
डकैती के बाद पैसों को आपस में बांटा गया। फिर सभी फरार हो गए थे। लेकिन डकैतों की एक गलती ने सभी को फंसा दिया। इस मामले में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को पुलिस ने दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, रायपुर, बिलासपुर और महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से डकैती की 59.50 लाख रुपए जब्त कर लिए है।
रायपुर के अनुपम नगर में वारदात के बाद डकैत विधानसभा रोड होते हुए मंदिर हसौद से नेशनल हाईवे में आ गए। फिर रायपुरा चौक होते हुए खारून नदी ब्रिज के रास्ते अमलेश्वर से मोतीपुर एरिया में पहुंच गए। आरोपियों ने गांव का रास्ता इसलिए चुना कि सीसीटीवी कैमरों से बच सके। डकैतों की कार में नंबर प्लेट नहीं था लेकिन जब वह मोतीपुर के आसपास पहुंचे तो वहां पर एक दूसरी आल्टो कार में इनका सहयोगी इंतजार कर रहा था।
इन्होंने वहां पर पैसे को आपस में बांट लिया फिर डकैती करने घुसी एक महिला आल्टो कार में सवार हो गई। इसके बाद वह दोनों कार आगे बढ़ाते हुए फिर से मेन रोड में आए। डकैतों की कार के पीछे आल्टो कार पायलेटिंग करते हुए चलने लगी। इस गाड़ी का नंबर CCTV में कैद हो गया। पुलिस को यहीं से सुराग मिला। फिर आल्टो मालिक को पकड़ा गया। फिर एक-एक करके एक दूसरे के बारे में वह उगलते गए।