संतोष नाथ उर्फ जलंधर समेत कई आरोपी, रजिस्ट्री में दिखाया गया फर्जी लेन-देन; पूर्व में भी दर्ज हैं जमीन धोखाधड़ी के केस
पुलिस ने शासकीय एवं निजी भूमि पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध रजिस्ट्री कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में भिलाई नगर निगम के वार्ड-34 के पार्षद संतोष नाथ उर्फ जलंधर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई जमीनों की रजिस्ट्री अपने और अन्य लोगों के नाम करवाई थी। जांच में सामने आया है कि रजिस्ट्री में दिखाए गए चेक व लेन-देन की राशि महज कागजों की खानापूर्ति थी। संतोष नाथ पूर्व में भी थाना वैशाली नगर में दर्ज जमीन फर्जीवाड़ा प्रकरण में आरोपी रह चुका है।
भिलाई। पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शासकीय और निजी भूमि पर अवैध कब्जा कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और रजिस्ट्री कराने के मामले में पुलिस ने भिलाई नगर निगम के वार्ड-34 के पार्षद संतोष नाथ उर्फ जलंधर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पूर्व में भी जमीन धोखाधड़ी के एक अन्य प्रकरण में आरोपी रह चुका है।
इस संबंध में प्रार्थी देवनाथ गुप्ता ने थाना वैशाली नगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोपी कार्तिक नंद शर्मा, पुरूषोत्तम उर्फ अरविंद भाई, राजेंद्र सोनी और हरिश राठौर के साथ मिलकर 1000 और 2500 वर्गफुट की भूमि पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने शासकीय भूमि को निजी बताकर फर्जी कागजात तैयार किए। अरविंद भाई के नाम पर फर्जी पहचान बनाकर रजिस्ट्री की गई, जबकि लेन-देन की राशि का कोई वास्तविक भुगतान नहीं हुआ। जमीन की रजिस्ट्री संतोष नाथ, उसकी पत्नी रिंकी सिंह, एन. धनराजु और ममता नामक महिला के नाम पर करवाई गई। साथ ही एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर उसका उपयोग किया गया।
पूछताछ में संतोष नाथ ने अपना जुर्म स्वीकार किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने इस पूरे मामले में वैशाली नगर थाना टीम की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा है। उल्लेखनीय है कि आरोपी पहले भी थाना वैशाली नगर के प्रकरण क्रमांक 61/2023 में भी भूमि फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी है।