दिल्ली में सत्ता में वापसी के बाद संगठन पर्व की शुरुआत, बूथ से प्रदेश तक बदलेगा ढांचा
दिल्ली में 27 वर्षों बाद सत्ता में लौटने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब संगठनात्मक पुनर्गठन की ओर तेजी से बढ़ रही है। विधानसभा चुनाव में मैदान में पसीना बहाने वाले समर्पित नेताओं को अब संगठन में अहम जिम्मेदारियां देने की तैयारी है। ‘संगठन पर्व’ के तहत पूरी संरचना को नए रूप में सजाया जाएगा।
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब भाजपा संगठन को नए सिरे से गढ़ने में जुट गई है। ‘संगठन पर्व’ की शुरुआत के साथ पार्टी ने संगठन के हर स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। इस बार संगठन में वही चेहरे प्रमुख भूमिका निभाएंगे, जिन्होंने चुनावी रणभूमि में पूरी ताकत झोंकी थी।
संगठनात्मक चुनाव के लिए महेंद्र नागपाल को चुनाव अधिकारी बनाया गया है, जबकि डॉ. योगेश आत्रेय और विजय सोलंकी सह चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। यह प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और समन्वयपूर्ण ढंग से संपन्न की जाएगी।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, बूथ समिति से लेकर मंडल, जिला और अंततः प्रदेश समिति तक नए नेतृत्व का गठन किया जाएगा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि 258 मंडल, 14 जिले और 13,035 बूथ समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा, जिसमें लगभग डेढ़ माह का समय लग सकता है। चुनाव में टिकट न मिलने के बावजूद समर्पित कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए पूरे जोश से काम किया। अब पार्टी उन्हें संगठन में उचित स्थान देकर उनका मनोबल बढ़ाएगी। यदि किसी स्तर पर सर्वसम्मति नहीं बनती, तो चुनाव प्रक्रिया के तहत समिति का गठन किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अब भाजपा की नजर पंजाब 2027 पर है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की विफलताओं से लोग अब ऊब चुके हैं और भाजपा विकल्प के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा, “अब पंजाब भी जल्द ही ‘आप-दा मुक्त’ होगा।” सचदेवा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वे खुद जानते हैं कि जनता अब उनके झूठे वादों पर हंस रही है। “2021 में नशा और भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा अब जनता को याद आ रहा है, लेकिन पूरा नहीं हुआ।” संगठन पर्व भाजपा के लिए केवल फेरबदल नहीं, बल्कि पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को उनका हक देने की दिशा में एक कदम है। इसके जरिए भाजपा अपने संगठन को मजबूत आधार देने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि आगामी चुनावों में और भी मजबूती से मैदान में उतरा जा सके।