राज्य के युवाओं को मिलेगी पायलट बनने की राह, विमानन प्रशिक्षण से खुलेगा करियर का नया आकाश
जशपुर अब सिर्फ हरियाली और पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के पायलटों की कर्मभूमि बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले की आगडीह हवाई पट्टी से ‘विमान उड़ान प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का शुभारंभ कर नई दिशा में उड़ान भरने की शुरुआत की। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पंख देने के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
जशपुर। छत्तीसगढ़ की हरी-भरी वादियों में अब आसमान को छूने का सपना भी साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले में पहली बार शुरू हुए विमान उड़ान प्रशिक्षण कार्यक्रम को “ऐतिहासिक कदम” करार देते हुए युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी रायपुर के कैडेट्स से मुलाकात कर उन्हें भविष्य के ‘स्काय वॉरियर्स’ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल पारंपरिक शिक्षा पर नहीं, बल्कि व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण पर भी फोकस कर रही है। पायलट बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं को अब राजधानी से बाहर भी प्रशिक्षण मिलेगा। वायरस SW-80 विमान से प्रशिक्षण शुरू हो चुका है, जिसमें कैडेट्स को रियल-टाइम उड़ान का अनुभव दिया जा रहा है। आगडीह की 1200 मीटर लंबी हवाई पट्टी इस सपने को साकार करने का आधार बनी है।
प्रशिक्षण की खास बातें (हाइलाइट बॉक्स में):
✈️ प्रशिक्षण स्थल: आगडीह हवाई पट्टी, जशपुर
✈️ विमान: वायरस SW-80 – ट्विन-सीटर, 20,000 फीट की क्षमता
✈️ उड़ान ऊंचाई (अभी): 1,000 फीट
✈️ शुरुआत की तारीख: 7 मार्च 2025
✈️ प्रशिक्षण लाभ: एयरफोर्स इंटरव्यू में बढ़त
✈️ कैडेट्स की संख्या: 100 से अधिक
कैडेट्स की प्रतिक्रिया – सपनों को मिली दिशा
प्रशिक्षु नितेश प्रजापति ने कहा, “यह हमारे लिए एक अनमोल अवसर है। अब एयरफोर्स पायलट बनने का सपना सिर्फ सपना नहीं रहा।”
वहीं प्रांशु चौहान ने कहा, “यहां का शांत वातावरण और रनवे की शानदार स्थिति उड़ान प्रशिक्षण के लिए परफेक्ट है।”
मुख्यमंत्री का संदेश – हर युवा को मिलेगा उड़ान का अवसर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ का युवा अब सिर्फ जमीन नहीं, आसमान भी मापेगा। राज्य सरकार उन्हें हर आवश्यक संसाधन और मंच प्रदान करेगी।”
इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के साथ-साथ कैडेट्स को जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाए, जिससे वे जिले की समृद्ध जैव विविधता को भी समझ सकें।
अंतिम पंक्तियां – एक नई उड़ान की शुरुआत
जशपुर अब ‘विमानन प्रशिक्षण का नया केंद्र’ बन गया है। यह पहल न केवल कैडेट्स के भविष्य को दिशा देगी, बल्कि जिले की पहचान को भी एक नई ऊंचाई तक ले जाएगी।