मानहानि का दावा: नौकरी गई, शादी टूटी, अब आत्महत्या की नौबत!
मुंबई. बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर हमले के मामले में गलत पहचान के चलते गिरफ्तार किए गए आकाश कनौजिया ने महाराष्ट्र गृह मंत्रालय के खिलाफ 1 करोड़ रुपये की मानहानि याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट में दाखिल की है। आकाश का कहना है कि इस गलत गिरफ्तारी ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी—उसकी शादी टूट गई, नौकरी चली गई और वह मानसिक तनाव में जी रहा है।
मुंबई के समाजसेवी और वकील फैजान अंसारी ने आकाश का केस हाई कोर्ट में दाखिल किया है। याचिका में कहा गया है कि मुंबई पुलिस ने बिना ठोस आधार के आकाश को पकड़ा और उसकी तस्वीरें व वीडियो मीडिया में लीक कर दिए, जिससे उसकी सार्वजनिक छवि धूमिल हुई। अब वह बेरोजगार हो चुका है और रिश्तेदारों तक ने उससे दूरी बना ली है।
कैसे बनी गलत पहचान की वजह से जिंदगी बर्बाद?
15 जनवरी 2025 को रात 2 बजे सैफ अली खान के मुंबई स्थित घर में एक हमलावर घुसा और उन पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में सैफ के गले, पीठ, हाथ और सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और रेलवे पुलिस को संदिग्ध की तस्वीर भेजी।
18 जनवरी 2025 को रेलवे पुलिस ने दुर्ग रेलवे स्टेशन पर यात्रा कर रहे आकाश कनौजिया को संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने रातभर पूछताछ के बाद आकाश को मुंबई क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया, लेकिन बाद में असली हमलावर— मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद उर्फ विजय दास— को पकड़ लिया गया। जब असली अपराधी का खुलासा हुआ, तब जाकर पुलिस ने आकाश को रिहा कर दिया।
“मेरा सबकुछ छिन गया, अब आत्महत्या ही आखिरी रास्ता”
आकाश ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि पुलिस की लापरवाही से उसकी पूरी जिंदगी प्रभावित हुई है। समाज में उसकी प्रतिष्ठा खत्म हो गई, उसकी नौकरी चली गई और शादी भी टूट गई। वह मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है।
उसका कहना है कि वह केवल अपनी नानी के घर लड़की देखने जांजगीर-चांपा जा रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे अपराधी समझकर पकड़ लिया। मीडिया में खबर फैलने के बाद न केवल उसकी शादी टूट गई बल्कि कोई उसे नौकरी भी नहीं दे रहा।
असली अपराधी था बांग्लादेशी नागरिक
मुंबई पुलिस ने असली आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद उर्फ विजय दास को गिरफ्तार किया, जो बांग्लादेशी नागरिक था और अवैध रूप से मुंबई में रह रहा था। शरीफुल के पास से बांग्लादेशी आईडी कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुए। वह बीते 5 महीनों से मुंबई में हाउसकीपिंग का काम कर रहा था और छिपकर रह रहा था।
युवक ने मांगा 1 करोड़ का हर्जाना
वकील फैजान अंसारी ने महाराष्ट्र गृह मंत्रालय से 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि आकाश को उसकी बदनामी, मानसिक आघात और आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा दिया जाए। इस मामले पर बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है।