- न्याय की विडंबना: पति ने समझा पत्नी मरी, लेकिन वो प्रेमी संग थी जिंदा
- पुलिस की लापरवाही: गलत पहचान के आधार पर निर्दोष व्यक्ति को जेल
- सच्चाई का खुलासा: होटल में नाश्ता करते पकड़ी गई ‘मृत’ पत्नी
कर्नाटक के कोडागू जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। पांच साल पहले जिस महिला को मरा हुआ मान लिया गया था और उसके पति को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया था, वह असल में जिंदा निकली। 2 साल तक सलाखों के पीछे रहने के बाद जब पति बाहर आया, तो उसे पता चला कि उसकी पत्नी मल्लिगे न सिर्फ जीवित है, बल्कि प्रेमी के साथ एक होटल में नाश्ता कर रही थी।
कर्नाटक (ए)। कर्नाटक के कोडागू जिले में न्याय प्रणाली और पुलिस की बड़ी चूक सामने आई है। 2020 में लापता हुई महिला मल्लिगे को पुलिस ने मृत मान लिया और उसके पति सुरेश पर हत्या का आरोप लगाकर जेल भेज दिया। सुरेश ने दो साल तक जेल की सजा काटी, लेकिन जब डीएनए जांच हुई, तो पता चला कि मृत शरीर उसकी पत्नी का था ही नहीं।

इसके बाद सुरेश को रिहा किया गया, लेकिन पुलिस ने उसकी पत्नी को ढूंढने की कोशिश नहीं की। हार न मानते हुए, सुरेश ने खुद अपनी पत्नी की खोज शुरू की और उसे मदिकेरी के एक होटल में प्रेमी गणेश के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
पूछताछ में मल्लिगे ने स्वीकार किया कि वह पिछले पांच सालों से गणेश के साथ रह रही थी। इस मामले में लापरवाह जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों पर अब सवाल उठ रहे हैं। कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली की समीक्षा करने का आदेश दिया है। वहीं, निर्दोष पति सुरेश अब न्याय की मांग कर रहा है।