निफ्टी 900 अंक गिरकर 22,000 से नीचे; एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट, ग्लोबल टैरिफ वॉर से मंदी की आशंका
सोमवार, 7 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। ग्लोबल टैरिफ युद्ध, अमेरिकी बाजारों की भारी गिरावट और मंदी की आशंकाओं के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट आई। सेंसेक्स करीब 3000 अंक टूटकर 72,300 के पास आ गया, जबकि निफ्टी 900 अंक गिरकर 21,950 के स्तर पर पहुंच गया। इससे निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 20 लाख करोड़ रुपए की भारी कमी आ गई।
मुंबई (ए)। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 4% गिरकर लगभग 72,300 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, वहीं निफ्टी 4.5% लुढ़क कर 21,950 तक फिसल गया। बाजार में सभी सेक्टर्स में बिकवाली हावी रही, जिससे निवेशकों को करीब 20 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
टॉप लूजर्स में टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और इंफोसिस शामिल रहे, जिनमें करीब 10% तक की गिरावट देखी गई। टेक महिंद्रा, HCL टेक और L&T के शेयर भी 8% तक टूटे। निफ्टी मेटल इंडेक्स 8% से ज्यादा गिरा, वहीं आईटी, ऑयल एंड गैस और हेल्थकेयर इंडेक्स में भी 7% तक की गिरावट रही।

एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का असर दिखा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 10% तक गिर गया, जापान का निक्केई 6%, चीन का शंघाई इंडेक्स 6.5% और कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 4.5% तक टूट गया।
ग्लोबल कारण:
अमेरिका और चीन के बीच शुरू हुए टैरिफ वॉर ने बाजार की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। ट्रम्प प्रशासन ने भारत समेत कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिसके जवाब में चीन ने भी 34% का टैरिफ लागू करने की घोषणा की है। इससे वैश्विक व्यापार और मांग पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट:
3 अप्रैल को अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 3.98%, S&P 500 लगभग 4.84% और नैस्डेक 5.97% गिरा। फाइनेंशियल एक्सपर्ट जिम क्रैमर ने यहां तक कह दिया कि 1987 जैसा “ब्लैक मंडे” दोबारा आ सकता है।
पहले से जारी गिरावट:
4 अप्रैल को भी भारतीय बाजार कमजोर बंद हुए थे। सेंसेक्स 930 अंक और निफ्टी 345 अंक गिरा था। सेक्टोरल इंडेक्स में मेटल, फार्मा और IT सेक्टर में पहले ही भारी दबाव था।