- अक्टूबर–दिसंबर तिमाही में रियल GDP 84.54 लाख करोड़ रुपए
- 2022-23 को बनाया गया नया बेस ईयर, आंकड़ों की नई सीरीज जारी
- पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7.6%
नई दिल्ली (ए)। वैश्विक दबाव और व्यापारिक टकरावों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में देश की GDP ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार GDP की गणना नए बेस ईयर 2022-23 के आधार पर की गई है, जिससे आर्थिक गतिविधियों का दायरा और व्यापक हुआ है।
नई सीरीज में क्या बदला
अब तक GDP की गणना 2011-12 को आधार वर्ष मानकर की जाती थी, लेकिन नई सीरीज में 2022-23 को बेस ईयर बनाया गया है। इससे अर्थव्यवस्था के वर्तमान ढांचे, खपत पैटर्न और सेवा क्षेत्र की वास्तविक तस्वीर बेहतर तरीके से सामने आती है।
नई पद्धति के तहत घरेलू सेवाओं और असंगठित क्षेत्र की कुछ गतिविधियों को भी अधिक व्यापक रूप से शामिल किया गया है। इससे कुल आर्थिक उत्पादन का आकलन पहले की तुलना में अधिक यथार्थपरक माना जा रहा है।
तिमाही के प्रमुख आंकड़े
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में रियल GDP 84.54 लाख करोड़ रुपए रही, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 78.41 लाख करोड़ रुपए थी। यह बढ़ोतरी मजबूत घरेलू मांग, सेवा क्षेत्र की तेजी और औद्योगिक गतिविधियों में सुधार को दर्शाती है।
वैश्विक दबाव के बावजूद मजबूती
अमेरिका में राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ जैसे कदमों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीमित असर देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू बाजार की मजबूती और निवेश में सुधार ने ग्रोथ को सहारा दिया।
पूरे साल का अनुमान भी बढ़ा
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.6% कर दिया है, जो पिछले साल 7.1% था। यह संकेत देता है कि आने वाली तिमाहियों में भी आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता और विस्तार की संभावना बनी हुई है।