राज्य सरकार ने खत्म की दोहरी अनुमति की बाध्यता, केंद्र के नियम ही होंगे मान्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब पेट्रोल पंप खोलना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल पंप संचालन के लिए स्टेट लाइसेंस की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब कारोबारियों को केवल केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। यह फैसला 14 नवंबर 2024 को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अधिसूचना के माध्यम से लागू किया गया है।
🛢️ अब नहीं करनी होगी दोहरी दौड़
पहले पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए व्यवसायियों को राज्य सरकार के खाद्य विभाग से खरीदी-बिक्री का लाइसेंस लेना पड़ता था, जो कलेक्टर के माध्यम से जारी होता था। इसके साथ ही हर साल या तीन साल में इसका रिन्यूअल भी कराना पड़ता था। अब यह पूरी प्रक्रिया खत्म कर दी गई है।
🔍 सिर्फ केंद्र के नियम होंगे लागू
नई व्यवस्था के तहत अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए सिर्फ केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी और दस्तावेज़ी प्रक्रिया भी कम हो जाएगी। इसका सीधा लाभ छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों को मिलेगा, जो सीमित संसाधनों के साथ व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।
🛣️ ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में भी पेट्रोल पंप स्थापित करने को बढ़ावा मिलेगा, जहां अब तक ईंधन की उपलब्धता सीमित रही है। इससे न केवल आम लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
📢 नियमों की सरलता से बढ़ेगा निवेश
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देगा। अब निवेशकों के लिए राज्य में व्यापारिक माहौल और भी अनुकूल हो गया है।