बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में देर रात पीपल पेड़ के नीचे हो रही थी रहस्यमयी पूजा, ग्रामीणों को हुई बलि की आशंका, पुलिस ने सात को लिया हिरासत में
बिलासपुर। कोनी थाना क्षेत्र के एक श्मशान घाट में देर रात पीपल पेड़ के नीचे युवती को बैठाकर चल रही तांत्रिक क्रिया से गांव में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंच गए और बलि की आशंका जताकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उत्तरप्रदेश और बिहार से आए पुजारियों समेत सात लोगों को हिरासत में लिया है।
बताया जा रहा है कि पूजा एक बीमार युवती के इलाज के लिए कराई जा रही थी, जिसमें उत्तरप्रदेश और बिहार से आए पंडित शामिल थे। पूजा के दौरान नींबू, मिर्च, सिंदूर, सब्बल आदि सामग्री मिलने से ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने मामले की सूचना थाने को दी।

पीपल पेड़ के नीचे पूजा, गांव वालों को हुआ शक
टीआई किशोर केंवट के अनुसार, ग्राम निरतू के ग्रामीणों ने पीपल पेड़ के नीचे तंत्र-मंत्र और बलि की तैयारी का आरोप लगाकर थाने में सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि युवती के साथ कुछ महिलाएं और पुजारी पूजा कर रहे थे।
पूछताछ में छतौना निवासी राकेश कौरव ने बताया कि उसकी बेटी लंबे समय से बीमार है और इलाज से कोई फायदा नहीं हो रहा था। किसी के कहने पर वह पुजारियों को बुलाकर तांत्रिक पूजा करवा रहा था। पूजा के लिए गांव के बाहर श्मशान में स्थित पीपल पेड़ को चुना गया।
सिंदूर, सब्बल और कील देखकर बढ़ा संदेह
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा स्थल पर नींबू, मिर्च, सिंदूर, सब्बल और कील जैसे तांत्रिक प्रतीकों को देखकर उन्हें शक हुआ। पीपल पेड़ में कुल्हाड़ी से वार और कील ठोकने जैसी गतिविधियों को देखकर उन्होंने बलि की आशंका जताई और विरोध में जुट गए।
सात लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई
पुलिस ने मौके से सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर थाने लाया। हिरासत में लिए गए लोगों में राकेश कौरव (छतौना), आकाश कौरव (चिचौली, मप्र), योगेश पांडेय (देवरिया, यूपी), नितेश, विश्वजीत, विशाल पांडेय और सनिश पांडेय (चंपारण, बिहार) शामिल हैं। सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।