सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के तीन दिन बाद CBI की बड़ी कार्रवाई, रायपुर में दस्तावेज खंगालने पहुंची छह अफसरों की टीम, 2000 करोड़ घोटाले की जांच जारी
छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, जो पिछले एक साल से जेल में बंद हैं, के रायपुर स्थित आवास पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने छापा मारा है। यह छापेमारी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के महज तीन दिन बाद की गई है। बताया जा रहा है कि टीम ने टुटेजा के घर से कई अहम दस्तावेजों की जांच की है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले की जांच में तेजी आ गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा के रायपुर स्थित निवास पर CBI की टीम ने छापेमारी की। टीम में छह से अधिक अधिकारी शामिल थे, जो घर में मौजूद दस्तावेजों की जांच-पड़ताल में जुटे रहे। हालांकि अभी तक किसी भी अधिकारी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

गौरतलब है कि अनिल टुटेजा को तीन दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट की बेंच जिसमें जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां शामिल थे, ने यह जमानत छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के मामले में दी थी। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया था कि विशेष अदालत द्वारा टुटेजा पर लगाए गए आरोप वैध प्रक्रिया के बिना तय किए गए थे, क्योंकि सरकार की अनुमति (CrPC की धारा 197) नहीं ली गई थी।
हालांकि, यह जमानत केवल ईडी (ED) द्वारा दायर केस में दी गई है। अभी आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच जारी है, इसलिए टुटेजा को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी है। कोर्ट ने शर्तों के तहत पासपोर्ट सरेंडर करने और हर सुनवाई में पूर्ण सहयोग का आदेश भी दिया है।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि टुटेजा पूर्व में नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले में भी शामिल रहे हैं और उनके पास साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने व गवाहों को प्रभावित करने की पूरी क्षमता है। इस घटनाक्रम के बाद से यह साफ है कि मामला अब भी जांच एजेंसियों के लिए गंभीर बना हुआ है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।ो