भिलाई में मुस्लिम समाज, सतनाम समाज और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाला कैंडल मार्च, पुतला दहन कर जताया विरोध
कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश दिखाई दे रहा है। भिलाई में मुस्लिम समाज, सतनाम समाज और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
भिलाई। 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 28 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं, और लोग आतंकवाद व पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
भिलाई में मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग पावर हाउस चौक पर एकत्र हुए और आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए पाकिस्तान और आतंकियों का पुतला जलाया। ‘आतंकवाद मुर्दाबाद’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारों से चौक गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि सेना को आतंकवाद के सफाए के लिए पूरी छूट दी जाए, ताकि इन दरिंदों को घर में घुसकर मारा जा सके।
रजा जामा मस्जिद के इमाम, मुफ्ती कलीम अशरफ कादरी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे आतंकी और उन्हें शरण देने वाले गद्दारों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह इंसानियत के खिलाफ अपराध है, और ऐसे हैवानों को उनके अंजाम तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।”
इसी दिन, सतनाम समाज और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया। सतनाम भवन और सिविक सेंटर में कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें लोगों ने मौन रखते हुए 28 मृतकों को श्रद्धांजलि दी। गुरु घासीदास सेवा समिति के अध्यक्ष बीएल कुर्रे ने इस घटना को मानवता पर हमला बताया और कहा कि यह देश के किसी एक हिस्से या धर्म की नहीं, बल्कि पूरी मानव सभ्यता की हत्या है।
सिविक सेंटर में कांग्रेस द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल भी मौजूद रहे। उन्होंने इस हमले पर गहरा दुःख जताते हुए केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “आतंकवादी आधे घंटे तक लोगों को मारते रहे, लेकिन सुरक्षा बल समय पर नहीं पहुंचे, यह बेहद चिंताजनक है।”