सार्वजनिक स्थलों पर नशाखोरी का विरोध बना जानलेवा
शहर में नशे के बढ़ते दुस्साहस ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दुर्ग के रिसाली इलाके में शांति की अपील करना एक परिवार के लिए त्रासदी बन गया। तालाब के पास हो रहे शराब सेवन पर आपत्ति जताने पर युवक की सरेआम हत्या कर दी गई।
दुर्ग/रिसाली। शहर की आबोहवा में घुलती शराब की गंध अब जानलेवा हो चली है। सोमवार को रिसाली के हिंद नगर में मोहन ताम्रकार (45) की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने तालाब किनारे बैठकर शराब पी रहे युवकों से शांति बनाए रखने को कहा।
घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। मोहन अपने घर के बाहर थे, तभी उन्होंने देखा कि कुछ युवक तालाब के पास बैठकर नशे में गाली-गलौज कर रहे हैं। उन्होंने शांत रहने और वहां से जाने की बात कही, लेकिन युवकों ने उल्टा उनसे ही उलझना शुरू कर दिया।

मोहन उर्फ मेहतरू ताम्रकार, मृतक
विवाद बढ़ा तो शिवाजी चौक निवासी डोमेंद्र ने शराब की बोतल तोड़कर मोहन पर एक के बाद एक कई वार कर दिए। घायल मोहन को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी डोमेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी आनंद शुक्ला ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
मोहन का परिवार हुआ बेसहारा:
मोहन अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके बेटे शुभम को जैसे ही इस घटना की खबर मिली, वह राजनांदगांव से भागकर लौटा। पत्नी, बेटी और बेटा अब बेसहारा हो गए हैं।
इलाके में दहशत और आक्रोश:
स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब किनारे नशेड़ियों का रोज जमावड़ा होता है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मोहन की मौत ने पूरे मोहल्ले को दहला दिया है।