जमीन, हवा और समुद्र—तीनों मोर्चों पर 5 बजे से युद्धविराम; 12 मई को DGMO स्तर पर होगी अगली बातचीत
लगातार तनाव और सैन्य हमलों के बीच भारत और पाकिस्तान ने संघर्षविराम पर सहमति जताई है। शुक्रवार शाम 5 बजे से तीनों सीमाओं पर युद्धविराम लागू हो गया है। 12 मई को इस पर आगे की बातचीत DGMO स्तर पर होगी।
नई दिल्ली (ए)। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य तनाव के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। दोनों देशों ने शुक्रवार शाम 5 बजे से संघर्षविराम लागू करने पर सहमति जताई है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जमीन, हवा और समुद्र तीनों स्तरों पर अब कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इस निर्णय के बाद अगली महत्वपूर्ण बातचीत 12 मई को दोपहर 12 बजे दोनों देशों के DGMO (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच होगी, जहां आगे की रणनीतियों और विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा होगी।
इससे पहले शनिवार सुबह 10:30 बजे भारत के विदेश और रक्षा मंत्रालय ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता कर मौजूदा हालात को लेकर जानकारी दी थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश सचिव विक्रम मिसरी उपस्थित थे।
कर्नल कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, पंजाब के पठानकोट और आदमपुर, तथा गुजरात के भुज एयरबेस पर हाईस्पीड मिसाइल से हमला किया था। हमलों में नुकसान हुआ, लेकिन भारत की जवाबी कार्रवाई और सुरक्षा तंत्र के चलते कई बड़े नुकसान को रोका जा सका।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय ब्रह्मोस फैसिलिटी को तबाह करने का दावा सरासर झूठा है। भारत का S-400 डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित और सक्रिय है। इसके अलावा पाकिस्तान द्वारा अस्पताल और स्कूल जैसे असैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाने की कोशिश को भारतीय फोर्सेज ने विफल कर दिया।
भारत सरकार ने इस युद्धविराम को शांति की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।