3 ASI, 2 प्रधान आरक्षक और 9 आरक्षकों को हटाया गया मौजूदा पद से; सट्टा एप से जुड़े मामलों में संलिप्तता के आरोप, कई के घर पड़े हैं छापे
दुर्ग में पुलिस महकमे पर बड़ा प्रशासनिक झटका लगा है। SSP विजय अग्रवाल ने 14 पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे वक्त में की गई है जब पुलिसकर्मियों पर महादेव सट्टा एप से जुड़े मामलों में भूमिका निभाने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
दुर्ग। जिले में पदभार संभालने के बाद SSP विजय अग्रवाल ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 14 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। इस लिस्ट में 3 एएसआई, 2 प्रधान आरक्षक और 9 सिपाही शामिल हैं।
17 मई को जारी आदेश में SSP ने एसीसीयू, भिलाई नगर, सुपेला, यातायात, नेवई, छावनी और बोरी थानों में पदस्थ कर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं।

लाइन अटैच किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों में शामिल हैं:
- एएसआई: पूर्ण बहादुर (एसीसीयू), शमित मिश्रा (भिलाई नगर), विनोद सिंह (यातायात)
- प्रधान आरक्षक: जसपाल सिंह (सुपेला), चंद्रशेखर बंजीर (एसीसीयू)
- आरक्षक: अनूप शर्मा, संतोष गुप्ता, पन्नेलाल, विक्रांत यदु, खुर्रम बक्श, शहबाज खान (सभी एसीयू), शमीम खान (नेवई), अमित दुबे (छावनी), जुनैद सिद्दकी (बोरी)
- ⚠️ क्या हैं आरोप?
सूत्रों के अनुसार, इन पुलिसकर्मियों पर महादेव सट्टा एप से जुड़े पैनल संचालन में शामिल होने, या सहयोग करने जैसे गंभीर आरोप हैं। यही नहीं, कई के ठिकानों पर ACB, EOW, CBI और ED जैसी एजेंसियों की छापेमारी भी हो चुकी है।
इस कार्रवाई को SSP की “क्लीन पुलिसिंग पॉलिसी” के तहत एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जांच के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं। दुर्ग पुलिस में हुई यह कार्रवाई न केवल एक प्रशासनिक चेतावनी है, बल्कि यह साफ संकेत भी है कि सिस्टम में मौजूद गड़बड़ियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। SSP अग्रवाल की इस पहल को विभाग के भीतर अनुशासन बहाल करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।