दुर्ग में दर्जनों महिलाओं से आधार और दस्तावेज लेकर निकाला लोन, रकम हड़पकर भागी महिला; पीड़ितों ने SP से लगाई न्याय की गुहार
दुर्ग जिले में लोन दिलाने के नाम पर एक शातिर महिला द्वारा सैकड़ों महिलाओं के साथ धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महिलाएं कर्ज के बोझ तले दब चुकी हैं जबकि आरोपी महीनों से फरार है। पीड़ित महिलाओं ने बुधवार को SP कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की।
दुर्ग। दुर्ग जिले के सुपेला क्षेत्र की रहने वाली 20 से अधिक महिलाएं बुधवार को एकजुट होकर SP कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि एक महिला ने उन्हें लोन दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से बैंक से ऋण निकलवाया और बड़ी चालाकी से उसका अधिकांश हिस्सा खुद रख लिया।
आरोपी महिला मंजू सोनी पर आरोप है कि उसने महिलाओं से उनका आधार कार्ड, दस्तावेज और फॉर्म भरवाकर लोन पास करवाया, फिर रकम का बड़ा हिस्सा खुद हड़प लिया। अब जब बैंक किस्त वसूली के लिए दरवाजा खटखटा रहा है, तो महिलाएं परेशान हैं। माया सोनी ने बताया कि उसे बैंक से 40,000 रुपए का लोन मिला, लेकिन मंजू ने 30,000 रुपए रख लिए और केवल 10,000 रुपए ही उसे दिए। “अब बैंक वाले किस्त मांग रहे हैं, जबकि पूरा पैसा हमें मिला ही नहीं,” माया ने बताया। एनके शेख नाम की महिला ने कहा कि वह छह महीने से मंजू को ढूंढ रही है, लेकिन वह कभी घर में नहीं मिलती और फोन भी नहीं उठाती। “अब मानसिक तनाव में हैं, थाने से लेकर SP ऑफिस तक चक्कर काट रहे हैं,” उन्होंने कहा।
पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल- कांग्रेस नेत्री गुरमीत धनई ने भी इस मुद्दे पर महिलाओं का साथ देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “100-200 रुपए रोज कमाने वाली महिलाएं 2-3 लाख का कर्ज कैसे चुकाएंगी? सुपेला थाने में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।” उन्होंने दोषी महिला की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ितों को राहत देने की मांग की।
SP ने दिलाया भरोसा- दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल ने पीड़ित महिलाओं को आश्वासन दिया है कि “मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की जाएगी और दोषी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।” यह मामला न सिर्फ ठगी का है, बल्कि सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के शोषण का भी प्रतीक है। अब सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।