“ग्राम दोकड़ा में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, 24 लाख की लागत से बनने वाले महतारी सदन का किया भूमिपूजन, 21 से 27 मई तक जारी रहेंगे भव्य धार्मिक आयोजन”
जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा में बुधवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने प्राचीन भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेकर प्रदेशवासियों की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने 24.74 लाख रुपए की लागत से बनने वाले “महतारी सदन” भवन का भूमि पूजन भी किया। गाँव में एक सप्ताह तक धार्मिक आयोजनों और भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
जशपुरनगर। कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत ग्राम दोकड़ा में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिला जब प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने प्राचीन भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार उपरांत प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लिया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दोकड़ा ग्राम में 24 लाख 74 हजार रुपए की लागत से बनने वाले महतारी सदन भवन का विधिवत भूमि पूजन किया। उन्होंने ग्रामवासियों की धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर समिति को विशेष धन्यवाद दिया।
गौरतलब है कि दोकड़ा ग्राम में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की परंपरा वर्ष 1942 से चली आ रही है, जिसकी शुरुआत पंडित स्व. सुदर्शन सतपथी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुशीला सतपथी ने की थी। मंदिर का निर्माण वर्ष 1968 में हुआ था, और इसके जीर्णोद्धार का संकल्प मुख्यमंत्री एवं उनकी पत्नी ने स्वयं लिया था, जो अब साकार हो गया है।

इस धार्मिक पर्व के अंतर्गत 21 मई से 27 मई तक विभिन्न पूजन एवं अनुष्ठानों के साथ-साथ विशाल मीना बाजार का आयोजन किया गया है।
- 21 मई: मैनी नदी बगिया से कलश यात्रा
- 22 मई: सूर्य पूजन, गौ पूजन, मंदिर प्रवेश, पार्श्व विग्रह नेत्र अनंजन
- 23 मई: मंडल पूजन, शिखर कलश एवं नीलचक्र स्थापना
- 24 मई: यज्ञ हवन
- 25 मई: श्री जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा जी की मूर्तियों का मंदिर प्रवेश व भव्य संध्या कलश यात्रा
- 27 मई: पूर्णाहुति, दधीभंजन, नगर भ्रमण एवं ओडिशा कीर्तन मंडली द्वारा भजन प्रस्तुति, तत्पश्चात महाप्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन
इस अवसर पर पूरे ग्राम में भक्ति और उत्सव का वातावरण बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने अंत में ग्रामवासियों से अपील की कि वे इस सांस्कृतिक धरोहर को सहेज कर आगे बढ़ाएं।