8 वर्षों से बदल नाम के साथ रह रही थीं शहर में, सेक्स रैकेट की जांच में हुआ खुलासा, मकान मालिकों पर भी जांच की तलवार
दुर्ग पुलिस को एक बार फिर बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। अवैध रूप से भारत में रह रहीं दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो नाम और पहचान बदलकर पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ में रह रही थीं। ये कार्रवाई उस समय हुई जब एक सेक्स रैकेट की जांच के दौरान इनके फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
दुर्ग। दुर्ग जिले में बांग्लादेशी घुसपैठियों की तलाश में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। मोहन नगर थाना क्षेत्र से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो कि बांग्लादेश की नागरिक हैं और भारत में अवैध रूप से रह रही थीं। इससे पहले भी भिलाई से तीन बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एसटीएफ प्रमुख सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि हाल ही में जयंती नगर क्षेत्र में हुए एक सेक्स रैकेट के खुलासे के दौरान इन महिलाओं के नंबर आरोपी के मोबाइल में मिले थे। पूछताछ के दौरान एक महिला ने अपना नाम रानी पासवान और दूसरी ने सपना शर्मा बताया। दस्तावेजों की गहन जांच में सामने आया कि इनका असली नाम क्रमशः खुशबू बेगम और सनाया नूर है, जो कि बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले की निवासी हैं।
सनाया नूर उर्फ सपना मंडल ने वर्ष 2019 में कूटरचना कर भारतीय पहचान वाले दस्तावेज तैयार किए थे। उसने एक व्यक्ति को पति बताकर आधार, पैन और मतदाता पहचान पत्र बनवा लिया था। उसके मोबाइल से बांग्लादेश के नंबरों से संपर्क की पुष्टि भी हुई है।
दूसरी महिला खुशबू बेगम उर्फ रानी पासवान ने भी फर्जी जन्मतिथि और निवास पते के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर फर्जी दस्तावेज बनवाए थे। पश्चिम बंगाल में वह वर्षों तक अलग-अलग नामों से रही और बाद में छत्तीसगढ़ आकर बस गई। पुलिस ने उन मकान मालिकों को भी नोटिस जारी किए हैं जिनके मकानों में ये महिलाएं रह रही थीं। यदि उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई, तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।