विजय भाटिया से 6 जून तक पूछताछ जारी, ओम साईं बेवरेज कंपनी के जरिए करोड़ों का घोटाला उजागर
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन विंग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। भिलाई के शराब कारोबारी पप्पू बंसल को EOW ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं विजय भाटिया भी रिमांड पर है, जिससे 15 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई और संपत्ति निवेश की जांच की जा रही है।
रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ में सामने आए शराब घोटाले की जांच में तेजी आ गई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने दुर्ग-भिलाई के प्रमुख शराब कारोबारी पप्पू बंसल को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में उसके शराब कारोबार से जुड़ी जानकारियाँ निकाली जा रही हैं। बंसल को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है।
इस मामले में एक और नाम—विजय भाटिया—भी जांच के दायरे में है, जो वर्तमान में 6 जून तक रिमांड पर है। भाटिया पर आरोप है कि उसने विदेशी शराब कंपनियों से माल मंगवाकर सरकारी तंत्र को आपूर्ति करते समय 15 करोड़ से अधिक का कमीशन कमाया और उस धन को प्रॉपर्टी में निवेश किया।
EOW की रिपोर्ट के अनुसार, भाटिया ने अपने दो परिचितों अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा के नाम पर ‘ओम साईं बेवरेज लिमिटेड’ नामक एक शेल कंपनी बनाई। इस कंपनी की 52% हिस्सेदारी खुद भाटिया के पास थी। कंपनी विदेशी ब्रांड की शराब खरीदकर उसमें 10% का कमीशन जोड़कर सरकारी एजेंसी को सप्लाई करती थी। इसमें से 60% हिस्सा एक सिंडिकेट को जाता था जबकि 40% भाटिया खुद रखता था।
पप्पू बंसल की पृष्ठभूमि की बात करें तो वह शुरुआत में प्रॉपर्टी डीलिंग में था, लेकिन बाद में शराब और कोयले के कारोबार से जुड़ा। जांच एजेंसियां अब बंसल की व्यापारिक गतिविधियों और कथित राजनीतिक संबंधों की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह घोटाला कई परतों में फैला है, और आगे की पूछताछ में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।