RBI द्वारा रेपो रेट घटाने के बाद SBI की नई पहल, नए और पुराने दोनों ग्राहकों को मिलेगा फायदा; लोन की अवधि या EMI में दिखेगा अंतर
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने होम लोन समेत सभी प्रकार के लोन की ब्याज दरों में 0.50% की कटौती की है। अब होम लोन पर सालाना 7.50% ब्याज दर से कर्ज मिल सकेगा, जिससे लाखों ग्राहकों की EMI में सीधा असर पड़ेगा।
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए होम लोन पर ब्याज दर 0.50% घटा दी है। अब होम लोन की नई दरें 7.50% प्रति वर्ष से शुरू होंगी, जो पहले 8% थी। ब्याज दरों में यह कटौती भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में रेपो रेट को 6.00% से घटाकर 5.50% किए जाने के बाद की गई है।
इस कदम के बाद SBI से होम लोन लेना अब सस्ता हो जाएगा और ग्राहकों की मासिक EMI में भी कमी आएगी। इसका असर दोनों तरह के ग्राहकों—नए और पुराने—पर पड़ेगा, जो RLLR (Repo Linked Lending Rate) से जुड़े लोन ले रहे हैं।
नए कर्ज लेने वालों के लिए क्या फायदा?
अब नए होम लोन लेने वालों को पहले के मुकाबले कम ब्याज देना होगा।
- यदि आप ₹30 लाख का लोन 20 वर्षों के लिए लेते हैं:
- पहले 8% पर EMI थी: ₹25,093
- अब 7.5% पर EMI होगी: ₹24,190
- EMI में करीब ₹900 की मासिक बचत
पुराने ग्राहकों को कब मिलेगा लाभ?
- यदि आपका लोन RLLR आधारित फ्लोटिंग रेट पर है, तो ब्याज दर अगले रीसेट पीरियड में कम हो जाएगी।
- इससे आपकी EMI घटेगी या लोन की अवधि कम होगी।
- यदि आपका लोन फिक्स्ड रेट पर है, तो यह कटौती आप पर लागू नहीं होगी।
RLLR क्या है और कैसे तय होती है ब्याज दर?
- RLLR में बैंक रेपो रेट के साथ एक मार्जिन जोड़ता है।
- जैसे अगर रेपो रेट 5.50% है और बैंक का मार्जिन 2.65% है, तो RLLR = 8.15%
- इसके बाद क्रेडिट रिस्क प्रीमियम जोड़कर फाइनल ब्याज दर तय की जाती है।
उदाहरण: RLLR 8% + क्रेडिट रिस्क प्रीमियम 0.5% = 8.5% ब्याज दर