तेल अवीव में मिसाइलों की बारिश, इजराइल के हवाई हमले में ईरान के 60 लोग मारे गए; परमाणु वैज्ञानिक और कमांडर्स शामिल
मध्य-पूर्व एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है। बीते 24 घंटे में ईरान और इजराइल के बीच हुई भीषण सैन्य झड़पों में 138 लोगों की जान जा चुकी है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और हवाई हमलों की बौछार कर दी है। हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
तेहरान/तेल अवीव (ए) | ईरान ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव स्थित मिलिट्री हेडक्वार्टर और रक्षा मंत्रालय पर मिसाइल हमला किया। ईरान का दावा है कि उसकी मिसाइलों ने सीधे रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाया। हालांकि इजराइल ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ईरान के पलटवार से पहले इजराइल ने शुक्रवार सुबह और फिर रात 10:30 बजे दो बार ईरान पर फाइटर जेट्स से हमले किए। इन हमलों में 60 लोगों की मौत हुई, जबकि 350 से अधिक घायल हो गए। पहले हमले में ही 6 परमाणु वैज्ञानिक और 20 से अधिक ईरानी कमांडर मारे गए।
ईरान का जवाबी हमला: 150 मिसाइलें दागीं
इजराइली हमले के तुरंत बाद ईरान ने 150 से अधिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से 6 मिसाइलें तेल अवीव में गिरीं। इससे 3 लोगों की मौत और 90 से अधिक घायल हुए। इनमें से कुछ मिसाइलों के रक्षा मंत्रालय को लक्ष्य बनाने का दावा किया गया है।
इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को शिफ्ट किया गया
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। शनिवार सुबह 7:15 बजे तक दोनों पक्षों के बीच संघर्ष जारी रहा।
तेजी से बढ़ रहा तनाव, वैश्विक चिंता गहराई
इस ताज़ा टकराव ने न केवल मध्य-पूर्व में तनाव को बढ़ाया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहरी कर दी है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका सहित कई देश तत्काल युद्धविराम की अपील कर रहे हैं।