PAN कार्ड क्यों होता है निष्क्रिय?
कहां-कहां जरूरी है PAN कार्ड का इस्तेमाल
ऐसे करें चेक – आपका PAN एक्टिव है या नहीं
इनएक्टिव PAN से लेन-देन करने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
PAN को दोबारा एक्टिव करने की पूरी प्रक्रिया
अगर आप भी PAN कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आयकर विभाग अब उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है जिनका PAN कार्ड निष्क्रिय हो गया है। ऐसे PAN का उपयोग करना न केवल गलत है, बल्कि इसके लिए ₹10,000 तक का जुर्माना भी लग सकता है। जानिए किन हालात में PAN इनएक्टिव होता है और इसे दोबारा एक्टिव कैसे करें।
नई दिल्ली। भारत में आयकर नियमों का पालन करना हर करदाता की जिम्मेदारी है। यदि आप PAN कार्ड होल्डर हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम हो सकती है। आयकर विभाग ने यह साफ कर दिया है कि जिन लोगों के PAN कार्ड इनएक्टिव (निष्क्रिय) हो गए हैं और फिर भी वे इनका उपयोग वित्तीय लेनदेन में कर रहे हैं, उन्हें ₹10,000 तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
PAN कार्ड इनएक्टिव क्यों होता है?
यदि PAN को आधार से लिंक नहीं किया गया है या लिंकिंग की प्रक्रिया अधूरी रह गई है, तो ऐसे PAN कार्ड स्वतः इनएक्टिव हो सकते हैं। सरकार ने पहले ही सभी नागरिकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे अपने PAN को आधार से जोड़ लें।
PAN कार्ड कहां जरूरी होता है?
PAN सिर्फ आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि बैंक अकाउंट खोलने, म्यूचुअल फंड में निवेश, FD, प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त, लोन लेने, और बड़े लेन-देन के लिए भी अनिवार्य होता है।
PAN एक्टिव है या नहीं, कैसे पता करें?
1. आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं
2. “Verify Your PAN” विकल्प पर क्लिक करें
3. PAN नंबर, नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर भरें
4. OTP दर्ज करें – आपको स्क्रीन पर पता चल जाएगा कि PAN एक्टिव है या नहीं
PAN इनएक्टिव है तो क्या करें?
यदि PAN को अभी तक आधार से लिंक नहीं किया है, तो जल्द से जल्द करें
यदि पहले लिंक कर चुके हैं, तो स्टेटस चेक करें
अगर आपके पास दो PAN हैं, तो एक को सरेंडर करें — यह प्रक्रिया NSDL या UTIITSL की वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है
सरकार द्वारा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि आपने अभी तक अपने PAN को आधार से लिंक नहीं किया है, तो बिना देरी के यह कार्य पूरा करें। वरना न सिर्फ आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि भविष्य में वित्तीय लेन-देन में भी अड़चन आ सकती है।