- पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की जयंती पर आयोजित हुआ भव्य स्वास्थ्य शिविर
- सिंधी समाज की सेवा भावना की CM ने की सराहना
- स्वास्थ्य क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने हासिल की बड़ी उपलब्धियां
- आयुष्मान भारत और राज्य की योजनाओं से जनता को मिल रहा लाभ
- डॉक्टरों और सेवाभावी आयोजकों को किया गया सम्मानित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज के समय में अच्छा स्वास्थ्य ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। यह शिविर पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती पर आयोजित किया गया था।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को राजधानी के केनाल रोड स्थित झूलेलाल धाम में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि निरोगी जीवन ही सच्चा धन है। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने खानपान और जीवनशैली में सुधार लाएं, तो कई बीमारियों को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सकता है।
यह भव्य स्वास्थ्य शिविर पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती के पावन अवसर पर आयोजित किया गया था। शिविर का आयोजन पूज्य शदाणी सेवा मंडल, पूज्य बाबा गरीबदास सेवा मंडल, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, भारतीय सिंधु सभा तथा कंधकोट पंचायत द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया।
शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई। साथ ही, अनेक लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड भी वितरित किए गए। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपस्थिति में नागरिकों को जरूरी स्वास्थ्य परामर्श भी प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ, प्रदूषित वातावरण और व्यस्त दिनचर्या के कारण हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ अब सामान्य हो चुकी हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी इन बीमारियों की बढ़ती उपस्थिति पर चिंता जताई और ऐसे शिविरों को जनहित में आवश्यक बताया।
उन्होंने सिंधी समाज की सामाजिक सक्रियता की भी सराहना की और कहा कि यह समाज आरंभ से ही सेवा व सहयोग की भावना से कार्य करता आया है। उन्होंने अपने सांसद कार्यकाल की यादें साझा करते हुए कहा कि वे तब से ही सिंधी समाज के आयोजनों में सम्मिलित होते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य अब मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। राज्य गठन के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब 15 शासकीय व निजी मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं। साथ ही, सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सुदृढ़ता और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स की शुरुआत से आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि:
- आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र नागरिकों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज
- वय वंदन योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को भी ₹5 लाख की स्वास्थ्य सहायता
- मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना में गंभीर रोगियों को ₹25 से ₹30 लाख तक की मदद
- मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
अंत में मुख्यमंत्री ने शिविर के संयोजक श्री अमित चिमनानी एवं चिकित्सकों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब, महापौर श्री रामू रोहरा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, समाजसेवी एवं वरिष्ठ पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे।