तमनार ब्लॉक के गुड़गुड़ प्राथमिक शाला में शिक्षिका की पदस्थापना से पढ़ाई हुई सुचारू, पालकों में दिखी संतुष्टि
शिक्षा विभाग द्वारा ग्रामीण शालाओं के युक्तियुक्तकरण की पहल ने शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है। अब शिक्षक विहीन व एकल शिक्षक शालाओं में नई नियुक्तियों से विद्यार्थियों की पढ़ाई को स्थायित्व मिला है। यह परिवर्तन विशेष रूप से उन क्षेत्रों में प्रभावी रहा है जहाँ वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कमी रही।
रायगढ़। रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला गुड़गुड़ में युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षा व्यवस्था में आशाजनक सुधार देखने को मिला है। शासन की इस पहल के तहत एकल शिक्षक शालाओं में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति से अब नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई को नया आयाम मिला है।
पूर्व में इस विद्यालय में केवल एक शिक्षक कार्यरत थे, जिससे सभी कक्षाओं को एक साथ संभालना चुनौतीपूर्ण था। समय का बंटवारा कठिन होने के कारण न तो सभी बच्चों को पर्याप्त ध्यान मिल पाता था और न ही पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण हो पाता था। लेकिन अब युक्तियुक्तकरण के तहत दूसरी शिक्षिका की पदस्थापना से विद्यालय में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
वर्तमान में प्राथमिक शाला गुड़गुड़ में कक्षा 1 से 5 तक के कुल 32 विद्यार्थी और बालवाड़ी के 5 बच्चे अध्ययनरत हैं। अब दो शिक्षकों की मौजूदगी में शिक्षण कार्य अधिक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण हो गया है।
गांव के वरिष्ठ नागरिक श्री रामुदास महंत ने बताया कि शिक्षक की कमी लंबे समय से बच्चों की पढ़ाई में बाधक बनी हुई थी, लेकिन अब नियुक्ति के बाद पालकों में भी बच्चों के भविष्य को लेकर आश्वस्ति दिख रही है। वहीं शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री महेन्द्र दास महंत ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युक्तियुक्तकरण से न केवल उनके गांव को बल्कि समूचे क्षेत्र को लाभ मिला है।
शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और कक्षाओं के बेहतर संचालन से नन्हें विद्यार्थियों में सीखने की उत्सुकता बढ़ी है और अभिभावक भी अब शिक्षा की गुणवत्ता से संतुष्ट हैं।