महिला और 8 साल के बेटे की लाश कुएं में मिली, 12 घंटे में पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
दुर्ग। ग्राम खम्हरिया में कुएं से बरामद महिला और बच्चे के शव ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। 22 जून 2025 को जब ग्रामीणों ने एक कुएं में साड़ी में लिपटे प्लास्टिक बोरे से बदबू उठती देखी, तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची अमलेश्वर पुलिस ने दो अलग-अलग कुओं से एक महिला और एक लगभग 8 वर्षीय बालक के शव बरामद किए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों की हत्या कर शवों को छुपाने के लिए कुएं में फेंका गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी दुर्ग ने एक एसआईटी गठित की और मात्र 12 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली। पूछताछ के दौरान दो चचेरे भाइयों — छत्रपाल सिंगौर (26) और शुभम कुमार सिंगौर (22) — को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने प्रेम संबंध में बाधा बन रही महिला और उसके बेटे की हत्या करने की बात स्वीकार की।


■ प्रेम प्रसंग बना मौत की वजह
जांच में सामने आया कि रायपुर निवासी सुनीता चतुर्वेदी उर्फ पल्लवी का इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी छत्रपाल से संपर्क हुआ था। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हुए। सुनीता, जो एक विधवा थी, अपने 8 वर्षीय बेटे के साथ रायपुर में रहती थी और आरोपी से शादी करना चाहती थी।
हालाँकि, छत्रपाल ने दूसरी महिला से डेढ़ माह पूर्व शादी कर ली थी, जिसकी जानकारी सुनीता को नहीं थी। जब सुनीता बार-बार आरोपी से अपने बेटे के साथ साथ रहने का दबाव डालने लगी, तो छत्रपाल ने अपने चचेरे भाई शुभम के साथ मिलकर हत्या की योजना रची।
■ निर्ममता की हद: मां-बेटे की गला दबाकर हत्या
18 जून 2025 को छत्रपाल ने सुनीता और उसके बेटे को रायपुर से अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी पर खम्हरिया लाया, जहाँ पहले से शुभम मौजूद था। दोनों ने मिलकर खेत में पहले मां और फिर बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शवों को साड़ियों में लपेटकर, बोरी में भरकर पत्थर बांधकर दो अलग-अलग कुओं में फेंक दिया, ताकि साक्ष्य छिपाया जा सके।
■ पहले से दर्ज थी गुमशुदगी
पुलिस को मृतका और बालक की पहचान रायपुर के सिविल लाइन्स थाने में दर्ज गुमशुदगी (गुम इंसान क्रमांक 51/2025) के आधार पर हुई। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शवों की पहचान की।
■ त्वरित कार्रवाई में एसआईटी को सफलता
थाना अमलेश्वर, पाटन और एसीसीयू की टीम ने संयुक्त रूप से इस केस की गंभीरता से विवेचना कर 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
■ कार्यवाही में इनका रहा योगदान
इस बड़ी सफलता में थाना प्रभारी अनिल कुमार साहू, निरीक्षक प्रमोद रूसिया, सउनि नरेंद्र सिंह, और एसीसीयू व अमलेश्वर थाने की संयुक्त टीम की भूमिका सराहनीय रही।