खैरागढ़ से दबोचे गए आरोपी, चोरी का सोना-चांदी जमीन में गाड़ कर छिपाया था; डीएसएमडी से मशरूका बरामद
दुर्ग शहर की महावीर कॉलोनी में हुई बड़ी नकबजनी की गुत्थी पुलिस ने चंद दिनों में सुलझा ली है। अंतरराज्यीय चोर गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को खैरागढ़ से गिरफ्तार कर करीब 50 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है। चोरी की गई नकदी, सोना-चांदी के जेवरातों को जमीन में गाड़कर छिपाया गया था, जिसे डीएसएमडी तकनीक से खोज निकाला गया।
दुर्ग। दुर्ग की महावीर कॉलोनी में 24 जून 2025 की रात अज्ञात चोरों ने एक मकान में सेंध लगाकर नकदी और कीमती जेवरात चुरा लिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना दुर्ग कोतवाली और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम को जांच में लगाया गया।
पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की। फुटेज में दो संदिग्ध युवक स्प्लेंडर बाइक पर घटनास्थल के आसपास मंडराते दिखे। मुखबिरों की मदद से उनकी पहचान रंजीत डहरे और रोशन मारकंडे के रूप में हुई। दोनों आरोपी खैरागढ़ जिले के केकराजबोड़ गांव में छिपे थे। टीम ने वहां दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ में उन्होंने महावीर कॉलोनी में चोरी की बात कबूल की और बताया कि चोरी का माल नागपुर निवासी आकाश सोनी, और खैरागढ़ की योगेश्वरी उर्फ जुगरी मारकंडे तथा राजनांदगांव निवासी रविशंकर बंजारे के पास रखा गया है। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि मशरूका को पुलिस से छुपाने के लिए जमीन में गाड़ दिया गया था। डीएसएमडी (डीप सर्च मेटल डिटेक्टर) की मदद से 332 ग्राम सोने के जेवर, 3 किलो 300 ग्राम चांदी और ₹9.76 लाख नकद बरामद किया गया।
बरामद मशरूके की कुल कीमत लगभग ₹50 लाख आंकी गई है। पुलिस ने ई-साक्ष्य एकत्र कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। इस सफल कार्रवाई में थाना दुर्ग और साइबर यूनिट की टीम की प्रमुख भूमिका रही, जिनके प्रयास से बड़ी चोरी का पर्दाफाश हुआ और आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ।