बिल्हा देश का सबसे स्वच्छ छोटा शहर, बिलासपुर बना दूसरा सबसे साफ़ बड़ा शहर — उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रपति से ग्रहण की ट्रॉफी
स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में प्रदेश के सात नगरीय निकायों को शानदार प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा गया। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दिल्ली में ग्रहण किया।
रायपुर/दिल्ली। छत्तीसगढ़ की स्वच्छता यात्रा को देशभर में एक नई पहचान मिली है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेश के 7 नगरीय निकायों को स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने यह पुरस्कार प्रदेश की ओर से प्राप्त किया।

छत्तीसगढ़ के बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया, जबकि बिलासपुर ने 3 से 10 लाख की जनसंख्या श्रेणी में देश का दूसरा सबसे साफ़ शहर बनने का गौरव हासिल किया। कुम्हारी नगर पालिका को 20 से 50 हजार की आबादी में तीसरा स्थान मिला।
इस समारोह में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री तोखन साहू भी उपस्थित रहे। रायपुर नगर निगम को राज्यस्तरीय उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिनिस्ट्रियल अवॉर्ड से नवाज़ा गया।
इस वर्ष ‘सुपर स्वच्छता लीग (SSL)’ नामक एक नई श्रेणी की शुरुआत की गई है, जिसमें ऐसे शहरों को शामिल किया गया है जो बीते तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में रहे हों और वर्तमान में अपनी जनसंख्या श्रेणी में टॉप 200 में बने हुए हों।
इस लीग में अंबिकापुर, पाटन और बिश्रामपुर को चयनित किया गया है। अंबिकापुर नगर निगम 50 हजार से 3 लाख की श्रेणी में, जबकि पाटन व बिश्रामपुर नगर पंचायतें 20 हजार से कम आबादी की श्रेणी में SSL में शामिल हुईं। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, “यह सम्मान केवल प्रशासन या निकायों का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेशवासियों की सोच, जागरूकता और प्रयासों की जीत है। यह अन्य नगरीय निकायों के लिए भी प्रेरणा बनेंगे।”