पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे को कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड पर भेजा, बंसल-अग्रवाल से फंडिंग और हवाला के जरिए निवेश की जांच जारी
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। चैतन्य पर शराब, कोल और महादेव ऐप से जुड़े मामलों में अवैध धन के लेन-देन का आरोप है। जांच एजेंसी को उनके करीबी व्यापारियों की गवाही और जब्त की गई पेन ड्राइव में अहम सुराग मिले हैं।
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को चैतन्य को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा गया।
चैतन्य पर शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव ऑनलाइन ऐप से जुड़े हवाला नेटवर्क के जरिए काले धन को सफेद करने के आरोप हैं। ईडी का दावा है कि उन्हें यह जानकारी पप्पू बंसल और विजय अग्रवाल जैसे व्यापारियों से पूछताछ के दौरान मिली, जो चैतन्य के करीब माने जाते हैं।
मार्च 2025 में ईडी की टीम ने रायपुर, भिलाई और बस्तर में छापेमारी की थी, जिसमें कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज़ और एक पेन ड्राइव जब्त की गई थी। इसी पेन ड्राइव में कथित तौर पर चैतन्य के विभिन्न राज्यों में हुए निवेश और धन के स्रोतों की जानकारी दर्ज है। इन दस्तावेजों और बयानों की चार महीने की समीक्षा के बाद, 18 जुलाई को ईडी ने भूपेश बघेल के सरकारी निवास पर दोबारा छापा मारा और चैतन्य बघेल को हिरासत में लिया। अब जांच एजेंसी उन व्यापारिक सौदों, हवाला चैनलों और राजनीतिक कनेक्शनों की तह में जा रही है, जिनके जरिए करोड़ों की रकम ट्रांसफर की गई थी।