वीडियो कॉल पर फर्जी पूछताछ, वॉट्सऐप पर भेजा नकली CBI लेटर, डर दिखाकर तीन दिन में खाली करवा दिए बैंक खाते
राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने CBI अधिकारी बनकर एक रिटायर्ड क्लर्क को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया और वीडियो कॉल के जरिए 14 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दे डाला। खुद को अफसर बताकर बयान के बहाने झांसे में लिया और नकली दस्तावेज भेजकर धीरे-धीरे रकम निकलवा ली। अब पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ CBI अफसर बनकर एक रिटायर्ड क्लर्क को डिजिटल रूप से ‘गिरफ्तार’ करने की धमकी दी गई और तीन दिन में उससे कुल 14 लाख रुपए की ठगी की गई। यह मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है।
पीड़ित रामेश्वर देवांगन, जो शिक्षा विभाग से क्लर्क पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को दोपहर करीब 1:30 बजे उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को टेलीफोन विभाग का अधिकारी बताया और मोबाइल नंबर बंद करने की बात कही।
इसके कुछ ही देर बाद, ‘रजनीश मिश्रा’ नाम से एक वीडियो कॉल आया। इस कॉल में रामेश्वर से नरेश गोयल नामक व्यक्ति को पहचानने को कहा गया। जब उन्होंने इंकार किया, तो कहा गया कि इस व्यक्ति के खिलाफ CBI जांच चल रही है और रामेश्वर को भी पूछताछ के लिए आना पड़ेगा। रामेश्वर के इनकार पर आरोपियों ने कहा कि सीनियर सिटीजन होने के कारण उनका “ऑनलाइन बयान” लिया जाएगा। इसके बाद WhatsApp पर एक लेटर भेजा गया, जिस पर CBI की सील और हस्ताक्षर लगे हुए थे, जिससे रामेश्वर को शक न हो।
कॉल के दौरान आरोपियों ने कहा कि बैंक अकाउंट की जांच के लिए कुछ राशि ट्रांसफर करनी होगी। डर और भ्रम में आए रामेश्वर ने 15 जुलाई को 4 लाख, 16 जुलाई को 7 लाख और 17 जुलाई को 3 लाख रुपए — कुल मिलाकर 14 लाख रुपए ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
लगातार गिरफ्तारी की धमकी मिलने से भयभीत रामेश्वर को बाद में ठगी का एहसास हुआ, जब पैसे वापस नहीं आए और कॉल्स बंद हो गए। इसके बाद उन्होंने पुरानी बस्ती थाने में जाकर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बैंक ट्रांजैक्शन व कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे कॉल या संदेशों से सावधान रहें और किसी भी दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें