धर्मांतरण और मानव तस्करी के संदेह में बजरंग दल ने की कार्रवाई, GRP ने दर्ज किया मामला
छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तीन युवतियों के साथ दो मिशनरी नन और एक युवक को रोककर धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप लगाया। मामले की सूचना पर GRP ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों के विरुद्ध धारा 143 बीएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
दुर्ग। दुर्ग जीआरपी चौकी (भिलाई-3) क्षेत्र में शुक्रवार को स्टेशन परिसर में तीन युवतियों के साथ दो नन और एक युवक के संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप किया। पूछताछ में यह सामने आया कि लड़कियों को नौकरी का लालच देकर उत्तर प्रदेश के आगरा ले जाया जा रहा था।

बजरंग दल की जिला संयोजिका ज्योति शर्मा भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने दावा किया कि यह मामला सिर्फ रोजगार का नहीं बल्कि सुनियोजित धर्मांतरण और मानव तस्करी से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवतियों के परिजन इस बात से अनजान थे कि उनकी बेटियाँ कहां जा रही हैं।

पकड़े गए युवक के पास से तीन अलग-अलग आधार कार्ड, एक डायरी जिसमें कई पादरियों के नंबर, अन्य राज्यों के नाम और 8-10 अन्य लड़कियों के फोटो भी मिले हैं। इससे संदेह और गहरा गया है। लड़कियों की पहचान कमलेश्वरी, ललिता और सुखमति के रूप में हुई है, जिनमें से दो ओरछा और एक नारायणपुर जिले की निवासी हैं।
GRP प्रभारी राजकुमार बोरझा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि लड़कियों को बिना स्पष्ट जानकारी के बाहर भेजा जा रहा था। परिजनों की शिकायत और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपितों से गहन पूछताछ जारी है।