BJP पर अल्पसंख्यकों, गरीबों और ओबीसी को निशाना बनाने का आरोप; प्रवासी बंगालियों के लिए नई योजना की घोषणा
रायपुर। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि यदि मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के दौरान किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया, तो संबंधित प्रक्रिया को मंजूरी नहीं दी जाएगी। बीरभूम जिले के बोलपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रशासन को इस बाबत सख्त निर्देश दिए।
बीरभूम जिले के बोलपुर में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (Special Summary Revision – SIR) को लेकर अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि आम नागरिक, विशेष रूप से अल्पसंख्यक, गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी केवल धार्मिक अल्पसंख्यकों ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों को भी निशाना बना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब एक “राजनीति से प्रेरित और योजनाबद्ध” उत्पीड़न है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उन प्रवासी बंगालियों की सहायता के लिए एक विशेष योजना शुरू की जाएगी, जो अन्य राज्यों में उत्पीड़न के बाद वापस लौटे हैं। इस योजना में राशन और रोजगार कार्ड प्रदान करने, अस्थायी आश्रय देने और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराने जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
उन्होंने कहा, “हमें उन सभी बंगालियों के साथ खड़ा होना चाहिए जो अन्य राज्यों में उत्पीड़न का शिकार हुए हैं।”
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘अमार पारा, अमार समाधान’ योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय स्तर पर नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक समस्याओं का समाधान शीघ्र हो सके।
ममता बनर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब गुजरात, हरियाणा, ओडिशा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और राजस्थान जैसे राज्यों में बंगाली प्रवासियों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ गया है।