मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— अब आदिवासी अंचलों और जवानों तक पहुँचेगी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा, 200 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक अस्पताल
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की मौजूदगी में चिकित्सा शिक्षा विभाग और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू हुआ। इस समझौते से बस्तर अंचल सहित पूरे प्रदेश के लोगों को सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएँ सरकारी दरों पर उपलब्ध होंगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौता (एमओयू) हुआ। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है।
मुख्यमंत्री का संकल्प: हर नागरिक तक पहुँचे बेहतर इलाज
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित सभी नागरिकों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का इंतजार था। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों को अब रायपुर लाने की बजाय जगदलपुर में ही जीवनरक्षक इलाज मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री बोले— बस्तर के लिए गर्व का क्षण
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि पहले सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं। अब बस्तरवासी भी अत्याधुनिक उपचार का लाभ उठाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
200 करोड़ की लागत से तैयार होगा अस्पताल
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने बताया कि इस अस्पताल पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें 120 करोड़ केंद्र और 80 करोड़ राज्य सरकार ने दिए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
10 मंजिला, 240 बिस्तरों वाला अस्पताल
यह सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल 11 एकड़ में फैला होगा और 240 बिस्तरों की क्षमता का होगा। इसमें कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टर सरकारी दर पर मरीजों का इलाज करेंगे।
प्रदेशवासियों के लिए नई आशा
इस अस्पताल से बस्तर संभाग के लाखों लोगों को उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता घटेगी। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन ने इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।