चार वर्षों से बिना पंजीयन गुटखा निर्माण, करोड़ों का कर अपवंचन – बंधुआ मजदूरों से भी कराता था काम
राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने गुटखा कारोबार में लंबे समय से चल रहे घोटाले का पर्दाफाश करते हुए सितार ब्रांड गुटखा निर्माता गुरूमुख जुमनानी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि जुमनानी पिछले चार सालों से बिना जीएसटी पंजीयन के गुटखा निर्माण कर करोड़ों रुपये का कर चोरी कर रहा था।
रायपुर। राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने गुटखा उद्योग से जुड़े बड़े घोटाले का खुलासा किया है। विभागीय कार्रवाई में सितार ब्रांड गुटखा के संचालक गुरूमुख जुमनानी को कर चोरी और अवैध कारोबार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया। विभाग की जांच में सामने आया कि कारोबारी ने वर्ष 2021 से अब तक बिना किसी जीएसटी पंजीयन के गुटखा का उत्पादन कर बाजार में बेचा, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि जुमनानी ने बीते चार वर्षों में अलग-अलग जिलों में फैक्ट्रियां लगाईं। 2021 से 2022 तक राजनांदगांव और खैरागढ़ में, 2023 में रायपुर में तथा 2023 से 2025 तक दुर्ग जिले में गुप्त रूप से उत्पादन किया गया। हर माह फैक्ट्री का ठिकाना बदल दिया जाता था ताकि छापेमारी से बचा जा सके। माल को विभिन्न नामों से गोदामों में छिपाकर बाजार में उतारा जाता था।
विभाग ने यह भी पाया कि आरोपी ने अपने बेटे सागर जुमनानी के नाम से ‘कोमल फूड’ नामक सुपारी गोदाम संचालित किया। यहां कागजों में केवल सुपारी बिक्री दर्ज की जाती थी, जबकि हकीकत में सुपारी को गुटखा बनाकर बेचा जाता था। गौरतलब है कि सुपारी पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है, जबकि गुटखे पर 28 प्रतिशत टैक्स और 204 प्रतिशत तक सेस वसूला जाता है। इसी अंतर का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये की कर चोरी की गई।
इसके अलावा जुमनानी द्वारा मजदूरों से अमानवीय ढंग से काम कराने के भी तथ्य उजागर हुए हैं। फैक्ट्री में मध्यप्रदेश से लाए गए युवकों को बंधुआ मजदूर की तरह रखा जाता था। उन्हें पूरी रात काम करने के लिए मजबूर किया जाता था और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। हर तीन माह में मजदूरों को बदल दिया जाता था।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार आरोपी रोजाना लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का गुटखा बाजार में बेच रहा था। मार्च 2024 में भी विभाग ने छापेमारी कर उससे 50 लाख रुपये टैक्स वसूल किया था, वहीं खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 1.5 करोड़ रुपये की सुपारी जब्त की थी।
जीएसटी विभाग ने 23 सितम्बर 2025 को आरोपी को जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और कर चोरी की सही राशि का आकलन किया जाएगा।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, अवैध कारोबार और उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने कहा कि टैक्स वसूली के साथ-साथ सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।