मौसम से पहले फैला फ्लू वायरस, सरकार ने घोषित की ‘फ्लू महामारी’; विशेषज्ञ बोले – बदलता वायरस बन सकता है नई वैश्विक चुनौती
नई दिल्ली (ए)। कोरोना महामारी की यादें अभी पूरी तरह मिटीं भी नहीं थीं कि अब जापान से फ्लू के असामान्य प्रकोप की खबरों ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जापान में फ्लू संक्रमण ने बेमौसम ही महामारी का रूप ले लिया है, जहां अब तक 4000 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं।
सरकार ने इसे देशव्यापी फ्लू महामारी (Influenza Outbreak) घोषित करते हुए 100 से ज्यादा स्कूल, किंडरगार्टन और चाइल्ड केयर सेंटर्स को बंद कर दिया है। सवाल उठ रहा है — क्या यह किसी नई महामारी की आहट है, और क्या भारत में भी इसका खतरा मंडरा रहा है?
मौसम से पहले आया फ्लू, विशेषज्ञों ने जताई चिंता
आमतौर पर जापान में फ्लू नवंबर या दिसंबर के अंत में फैलता है, लेकिन इस बार सितंबर के आखिरी हफ्ते से ही संक्रमण बढ़ने लगा।
TOI की रिपोर्ट के अनुसार, देश के करीब 3000 अस्पतालों में फ्लू मरीजों की संख्या 4000 के पार पहुंच चुकी है।
ओकिनावा, टोक्यो और कागोशिमा जैसे इलाकों में फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि फ्लू वायरस में तेजी से जेनेटिक म्यूटेशन (वायरस का बदलना) देखने को मिल रहा है — यही वजह है कि संक्रमण मौसम से पहले और असामान्य गति से फैल रहा है।
क्या भारत में भी बढ़ेगा फ्लू का खतरा?
भारत में इस वक्त मौसम बदल रहा है — और इसी दौरान फ्लू के मामले हर साल बढ़ते हैं।
अक्टूबर-नवंबर के महीनों में ठंड की शुरुआत के साथ इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने से संक्रमण फैलने की संभावना रहती है।
हालांकि फिलहाल भारत में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि “फ्लू का खतरा पूरी तरह टला नहीं है।”
बुजुर्गों, बच्चों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बचाव ही सुरक्षा: वैक्सीन, साफ-सफाई और पोषण पर जोर
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फ्लू से बचाव के लिए हर व्यक्ति को सालाना फ्लू वैक्सीन लगवाना चाहिए।
इसके साथ ही —
- हाथों की सफाई पर ध्यान दें,
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर फेस मास्क लगाएं,
- संक्रमित लोगों से दूरी बनाएं।
डॉक्टरों का कहना है कि संतुलित आहार और पर्याप्त नींद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन लें, स्मोकिंग और शराब से परहेज करें।
तनाव भी इम्यूनिटी को कमजोर करता है, इसलिए मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
फ्लू का “नया चेहरा” – क्या यह भविष्य की चेतावनी है?
जापान में फ्लू का जल्दी और तेजी से फैलना एक संकेत हो सकता है कि मौसमी बीमारियां अब अपने पुराने पैटर्न में नहीं रहीं।
ग्लोबल वार्मिंग, बदलते मौसम और वायरस के तेज़ी से बदलते स्वरूप के चलते भविष्य में “हर मौसम का फ्लू” सामान्य बात बन सकता है।
हालांकि भारत में अभी खतरे की घंटी नहीं बजी है, लेकिन सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा ढाल है।