राजनांदगांव बना पूर्वी जोन का सर्वश्रेष्ठ जिला, कांकेर की ग्राम पंचायत डूमरपानी तीसरे स्थान पर, रायपुर का कृष्णा पब्लिक स्कूल भी सम्मानित
केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा घोषित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर अपनी पहचान जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित की है। राज्य को तीन अलग-अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे जनसहभागिता आधारित जल प्रबंधन की सफलता बताया।
रायपुर। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार, 2024 की घोषणा कर दी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने मंगलवार को पुरस्कारों की सूची जारी की, जिसमें छत्तीसगढ़ को तीन श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया है।
राज्य के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला का सम्मान मिलेगा, वहीं कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।
जल शक्ति मंत्रालय ने बताया कि प्रत्येक पुरस्कार विजेता को प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी और कुछ श्रेणियों में नकद पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार वितरण समारोह 18 नवंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल में आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की जनता को बधाई देते हुए कहा कि “यह सम्मान छत्तीसगढ़ के सतत जल संरक्षण, संवर्धन और जनसहभागिता आधारित प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने में राज्य ने उल्लेखनीय योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “राजनांदगांव, कांकेर और रायपुर के ये उदाहरण साबित करते हैं कि जब समाज, प्रशासन और संस्थान एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण एक जन-आंदोलन का रूप ले लेता है।”
जल शक्ति मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी, ताकि जल प्रबंधन और संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके। इसके बाद 2019, 2020, 2022 और 2023 में क्रमशः दूसरे से पाँचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 में पुरस्कार नहीं दिए जा सके।