रायपुर में तौल पूजा के साथ खरीदी शुरू, धमतरी में अधिकारी नदारद; ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप फेल होने से पंजीयन अटका
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी का सीजन शुरू हो गया, लेकिन टोकन वितरण में भारी गड़बड़ी के कारण बड़े जिलों में किसान परेशान हैं। रायपुर में खरीदी का शुभारंभ तौल पूजा से हुआ, जबकि धमतरी में किसान सुबह से धान लेकर खड़े रहे, पर अधिकारी-कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अभियान की शुरुआत आज से हो गई है। राजधानी रायपुर के ग्राम गनियारी सहित कई उपार्जन केंद्रों में सुबह तौल पूजा कर खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया गया। यहां किसान अपने निर्धारित स्लॉट के अनुसार धान लेकर पहुंचे और खरीदी का कार्य आगे बढ़ने लगा।
लेकिन इसी बीच धमतरी जिले के शंकरदाह उपार्जन केंद्र में बिल्कुल उलटा नज़ारा देखने को मिला। सुबह 7 बजे से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में धान लेकर कतार में खड़े थे, लेकिन केंद्र पर कोई अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित ही नहीं था। किसानों का कहना है कि अगर आज खरीदी नहीं हुई तो उन्हें बेवजह गाड़ी का भाड़ा चुकाना पड़ेगा।
राज्यभर में अब तक करीब 2 लाख 28 हजार किसानों का टोकन कट चुका है, लेकिन सोसाइटी मॉड्यूल के अनुसार आज की तारीख वाले टोकन शाम 5 बजे तक ही जनरेट हो सकेंगे। ऐसे में टोकन मिलने की उम्मीद में किसान मोबाइल और ऐप पर नजरें गड़ाए हुए हैं। सरकार इस सीजन में 25 लाख से ज्यादा किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदेगी। दर 3,100 रुपए प्रति क्विंटल तय है। लेकिन जमीन पर स्थिति यह है कि किसानों के हाथ में टोकन ही नहीं पहुंच पा रहा।
‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप लगातार फेल हो रहा है। लॉगिन करते समय किसानों को मैसेज मिलता है— “टोकन पंजीयन फिलहाल बंद है।” प्ले स्टोर पर नया वर्जन उपलब्ध नहीं है, जिससे किसान ऑनलाइन पंजीयन तक नहीं कर पा रहे।
स्थिति और भी जटिल इसलिए हो गई है क्योंकि धान खरीदी केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर हैं। इससे पंजीयन और टोकन वितरण की प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई जिलों ने अस्थायी व्यवस्था की है, लेकिन उसका असर सीमित ही दिख रहा है।
जिलों की स्थिति—कहां क्या हाल?
रायपुर
पंजीकृत किसान: 1,34,037
उपार्जन केंद्र: 139
किसानों को अब तक टोकन नहीं मिला
अवैध धान रोकने 5 चेकपोस्ट स्थापित
खरीदी शुरू, पर टोकन संकट जारी
दुर्ग
किसान पंजीयन: 1,12,446
केंद्र: 102
अब तक सिर्फ 61 टोकन जारी
टोकन न मिलने से किसान भ्रमित और परेशान
बिलासपुर
किसान पंजीयन: 1,12,252
उपार्जन केंद्र: 140
हड़ताल के चलते सोमवार से खरीदी शुरू होगी
कलेक्टर ने अन्य विभागों के कर्मचारियों को लगाया
बस्तर
पंजीकृत किसान: 48,000+
केंद्र: 79
निजी एजेंसी 79 ऑपरेटर नियुक्त कर रही
टोकन न मिलने से पहले दिन कम किसान पहुंचेंगे
रायगढ़
पंजीकृत किसान: 81,500
उपार्जन केंद्र: 105
15 नवंबर से 31 जनवरी तक खरीदी
नगद व लिंकिंग दोनों विकल्प उपलब्ध
सरगुजा
उपार्जन केंद्र: 54
ट्रायल रन पूरा
पुराने स्टाफ की हड़ताल, नए प्रभारी और ऑपरेटर नियुक्त
खरीदी लक्ष्य: 39,02,190 क्विंटल