छत्तीसगढ़–आंध्र बॉर्डर पर एनकाउंटर में हिड़मा, उसकी पत्नी रजक्का और चार नक्सली ढेर; दो दशक में 26 बड़े हमलों का था साजिशकर्ता
देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बने माओवादी कमांडर माड़वी हिड़मा का आतंक आखिर खत्म हो गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 30 नवंबर तक खत्म करने की तय डेडलाइन से 12 दिन पहले ही हिड़मा को आंध्र–छत्तीसगढ़ बॉर्डर के मरेडमिल्ली जंगल में हुए भीषण एनकाउंटर में मार गिराया गया। हिड़मा पर 2010 के दंतेवाड़ा हमले से लेकर झीरम घाटी और सुकमा-बीजापुर जैसे बर्बर हमलों की साजिश रचने का आरोप था।
जगदलपुर। छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित मरेडमिल्ली के घने जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की। देश के सबसे खतरनाक और वांछित नक्सली कमांडरों में शुमार माड़वी हिड़मा एनकाउंटर में ढेर हो गया। उसके साथ उसकी पत्नी राजे उर्फ रजक्का और चार अन्य नक्सली भी मारे गए। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।

एजेंसी रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को हिड़मा को खत्म करने के लिए 30 नवंबर तक का लक्ष्य दिया था। इस निर्देश के बाद आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी अभियान के दौरान हिड़मा अपने ठिकाने समेत घिर गया और मुठभेड़ में मार दिया गया। वह शाह की डेडलाइन से 12 दिन पहले ही ढेर कर दिया गया।
पिछले दो दशकों में हिड़मा 26 से अधिक बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा था। 2010 के दंतेवाड़ा हमले में 76 CRPF जवानों की शहादत, 2013 के झीरम घाटी हमले में कांग्रेस नेताओं की हत्या और 2021 के सुकमा-बीजापुर हमले में उसकी प्रमुख भूमिका रही थी।
इधर, सुकमा जिले के एर्राबोर थाना क्षेत्र में भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच दूसरी मुठभेड़ की जानकारी सामने आई है। यहां कई नक्सलियों के घायल होने के संकेत मिले हैं। दोनों स्थानों पर व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है। गृहमंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन टीम के साथ फोन पर बात कर उन्हें बधाई भी दी है। हिड़मा का जन्म 1981 में सुकमा जिले में हुआ था। वह पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की एक बटालियन का कमांडर और माओवादी