ई-पीओएस आधारित पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत हुई पीडीएस प्रणाली, उचित मूल्य दुकानों की संख्या में भी वृद्धि
नवगठित सक्ती जिले ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। जिले में 34 हजार 132 नए परिवारों को राशन कार्ड जारी किए जाने के साथ खाद्यान्न आवंटन में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जिससे पीडीएस व्यवस्था अधिक व्यापक और पारदर्शी बनी है।
रायपुर। जिले के गठन के बाद सक्ती ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने में नई मिसाल पेश की है। पूर्व में जिले में 2 लाख 8 हजार 529 राशन कार्ड प्रचलन में थे, जो अब बढ़कर 2 लाख 42 हजार 661 हो गए हैं। इस वृद्धि के साथ 34 हजार 132 नए परिवार पीडीएस के दायरे में जुड़े हैं। यह उपलब्धि प्रशासन की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं और समावेशी विकास की दिशा में उठाए गए सकारात्मक कदमों को रेखांकित करती है।
खाद्यान्न आवंटन में लगातार बढ़ोतरी
सक्ती जिले में खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं के आवंटन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले जिले को 67 हजार 36 मीट्रिक टन चावल मिलता था, जो अब बढ़कर 76 हजार 588 मीट्रिक टन हो चुका है। इसी तरह रिफाइंड नमक का आवंटन 1 हजार 831 मीट्रिक टन से बढ़कर 2 हजार 244 मीट्रिक टन और शक्कर का आवंटन 1 हजार 828 मीट्रिक टन से बढ़कर 2 हजार 241 मीट्रिक टन हो गया है। तीनों ही आवश्यक वस्तुओं के आवंटन में 413-413 मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। बेहतर पहुंच के लिए उचित मूल्य दुकानों की संख्या भी 341 से बढ़ाकर 349 कर दी गई है।
डिजिटल पारदर्शिता बना आधार
जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों को ई-पीओएस मशीनों से जोड़ दिया गया है, जिससे वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बन गई है। डिजिटल मॉनिटरिंग के चलते हितग्राहियों को समय पर, सही मात्रा में राशन उपलब्ध हो रहा है और शिकायतों में भी कमी आई है। ई-गवर्नेंस आधारित यह सुधार पीडीएस प्रणाली के प्रति ग्रामीण और शहरी जनता का भरोसा मजबूत कर रहा है।
निगरानी और सख्ती से बढ़ी दक्षता
कलेक्टर के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की जा रही है। उपभोक्ता भंडारों, गोदामों और उचित मूल्य दुकानों की सतत जांच से खाद्यान्न की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और वितरण प्रक्रियाओं को बेहतर बनाया गया है। इस सक्रिय निगरानी ने पीडीएस संचालन को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सक्ती जिला बना आदर्श मॉडल
डिजिटल सुधारों, पारदर्शिता और जनसेवा के सिद्धांतों पर आधारित प्रयासों ने सक्ती जिले को प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का प्रेरणादायक मॉडल बना दिया है। जिला गठन के बाद कम समय में हासिल की गई ये उपलब्धियाँ प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।