इस साल चांदी ₹1 लाख और सोना ₹51,928 महंगा; वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती डिमांड से दामों में तेजी बरकरार
कीमती धातुओं में तेजी का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। चांदी ₹7,457 की बड़ी छलांग लगाते हुए ₹1,86,350 प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई, जबकि सोना मामूली बढ़त के साथ ₹1,28,090 प्रति 10 ग्राम हो गया है। लगातार बढ़ती मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीद और निवेशकों के सुरक्षित विकल्पों की तलाश ने दोनों धातुओं के दामों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
मुंबई (ए)। कीमती धातुओं के बाजार में सोमवार को भारी उछाल देखा गया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक चांदी ₹7,457 बढ़कर ₹1,86,350 प्रति किलोग्राम के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई। इससे पहले रविवार को इसका रेट ₹1,78,893 था। इस साल अकेले चांदी की कीमत में ₹1,00,333 की बढ़ोतरी दर्ज हो चुकी है। सोने ने भी मजबूती दिखाई। इसमें ₹116 की बढ़त रही और यह ₹1,28,090 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। 17 अक्टूबर को सोना ₹1,30,874 के उच्चतम स्तर को छू चुका है।
शहरों में कीमतें अलग क्यों?
IBJA द्वारा जारी दरों में अभी 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होते। यही कारण है कि विभिन्न शहरों में सोने-चांदी के रेट अलग-अलग दिखाई देते हैं। कई बैंक अपने गोल्ड लोन के मूल्य निर्धारण में इन्हीं दरों को आधार बनाते हैं।
सोने में तेजी के 3 प्रमुख कारण
केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद
दुनिया भर के कई बड़े बैंक डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए अपने रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
असर: लगातार खरीद से सोने की मांग बढ़ी रहती है, जो कीमत ऊपर धकेलती है।
क्रिप्टो में उतार-चढ़ाव और घरेलू बाजार से कम रिटर्न
क्रिप्टो पर सख्त नियमन और उतार-चढ़ाव से निवेशक सुरक्षित पनाहगाह की ओर लौट रहे हैं। भारत में शेयर बाजार की तुलना में सोने पर स्थिर रिटर्न और शादी सीजन ने भी मांग बढ़ाई है।
असर: गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा और स्पॉट मार्केट में भी मांग तेज हुई।
लंबे समय का सुरक्षित निवेश
सोना न तो नष्ट होता है और न ही अपनी वैल्यू खोता है। सीमित उपलब्धता और महंगाई के दौर में यह खुद को बेहतर साबित करता है।
असर: निवेशक लंबे समय के लिए इसे सुरक्षित एसेट मानते हैं, जिससे कीमतों को सहारा मिलता है।