निकाली गई दो महिला कर्मचारियों को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन; प्राचार्य केबिन में घुसकर हंगामा, स्याही फेंकने और जूते की माला पहनाने की कोशिश का आरोप
सेक्टर-7 स्थित कल्याण कॉलेज में सोमवार सुबह NSUI कार्यकर्ताओं ने दो महिला कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान प्राचार्य के केबिन में जबरन प्रवेश, दस्तावेज फाड़ने और स्याही फेंकने जैसी हरकतें होने पर पुलिस ने विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजिया सहित सात नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना के बाद कॉलेज स्टाफ में भय का माहौल है।
भिलाई। सेक्टर-7 स्थित कल्याण कॉलेज में सोमवार को NSUI प्रदेश सचिव और भिलाई नगर विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजिया अपने साथियों के साथ पहुंचकर उग्र प्रदर्शन पर उतर आए। दो चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों को पुनः नियुक्त करने और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग को लेकर संगठन पदाधिकारियों ने शुरू में गेट पर प्राचार्य का इंतजार किया, लेकिन उनके बाहर न आने पर कार्यकर्ता सीधे कॉलेज परिसर में दाखिल हो गए।
प्राचार्य के केबिन में घुसते ही कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से गार्ड को धक्का दिया और करीब आधे घंटे तक प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा को घेरकर नारेबाजी करते रहे। आरोप है कि इस दौरान सरकारी दस्तावेजों को उठाकर फेंका, फाड़ा और उन पर स्याही डाल दी। हद तो तब हो गई जब युवकों ने जूते-चप्पलों की माला बनाकर प्राचार्य को पहनाने की कोशिश की और नेमप्लेट पर स्याही पोत दी।
घटना के समय केबिन में मौजूद प्राध्यापक डॉ. अनुराग पांडेय, डॉ. अनिरबन चौधरी और चिम्मन लाल सोन्ड्रे ने पूरा घटनाक्रम देखा। प्राचार्य ने कॉलेज प्रबंधन और हेमचंद यादव विश्वविद्यालय को इसकी सूचना दी और विचार-विमर्श के बाद देर शाम भिलाई नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राचार्य की शिकायत पर आकाश कनौजिया, दीपक पाल, आनंद यदु, पूर्व सहायक प्राध्यापक नितेश गुप्ता, आशीष कालो, भौमित पटेल और अंशुल शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि नितेश गुप्ता की घटना में सक्रिय भूमिका रही। प्राचार्य का कहना है कि पूरे घटनाक्रम से कॉलेज के कर्मचारियों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
एनएसयूआई ने लगाया सरकार पर दमन का आरोप
मामले में NSUI ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। संगठन के प्रभारी प्रदेश महामंत्री का कहना है कि महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार व नौकरी से हटाने पर विरोध करना गलत नहीं है, फिर भी कार्यकर्ताओं पर लगातार FIR दर्ज की जा रही है।
आकाश कनौजिया पहले भी कार्रवाई झेल चुके हैं
प्रदेश संगठन ने आकाश कनौजिया को 2022 में जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही के चलते निलंबित किया था, हालांकि उसी वर्ष दिसंबर में उन्हें पुनः बहाल कर दिया गया था।